सीएचसी के अस्थायी क्वारंटीन कक्ष की हुई जांच

दूसरे राज्यों से प्रखंड में आ रहे मजदूरों की चिकित्सीय जांच व उनकी देखरेख के लिए सामुदायिक चिकित्सा केंद्र बड़हरिया के अस्थायी क्वारंटीन वार्ड बनाया गया है. अस्पताल में बने अस्थायी क्वारंटीन वार्ड में बाहर से आ रहे मजदूरों को रखा गया है, जिन्हें बाद में पंचायतों में बने क्वारंटीन सेंटरों में शिफ्ट कर दिया जायेगा.

बड़हरिया : दूसरे राज्यों से प्रखंड में आ रहे मजदूरों की चिकित्सीय जांच व उनकी देखरेख के लिए सामुदायिक चिकित्सा केंद्र बड़हरिया के अस्थायी क्वारंटीन वार्ड बनाया गया है. अस्पताल में बने अस्थायी क्वारंटीन वार्ड में बाहर से आ रहे मजदूरों को रखा गया है, जिन्हें बाद में पंचायतों में बने क्वारंटीन सेंटरों में शिफ्ट कर दिया जायेगा. डॉक्टरों की टीम इन पर 14 दिनों तक नजर रखेगी. अभी करीब 20 मजदूरों को सीएचसी के क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है. डॉक्टरों के अनुसार यदि कोई भी व्यक्ति डॉक्टर की नजर में संदिग्ध महसूस होगा तो उसको जांच व इलाज के लिए पटना भेज दिया जायेगा.

विदित हो कि लॉकडाउन के बाद से दूसरे राज्यों में मजदूरी करने वाले बिहारी मजदूर घर वापस आ रहे हैं. सरकार द्वारा प्रखंड मकी तीसों पंचायतों में क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है. जहां भोजन सहित तमाम सुविधाएं मुहैया करायी गयी है. सीएचसी, बड़हरिया के अस्थायी क्वारंटीन वार्ड में भोपतपुर के योगेंद्र साह के पुत्र रंगीला साह (40) व 17 वर्षीय पुत्र रंगलाल साह(17), आलमपुर के सूरज साह के पुत्र मदन साह(46), जगदेव महतो आदि दर्जनों गरीब मजदूर कई सौ किलोमीटर पैदल चलकर बड़हरिया क्वारंटीन वार्ड में इलाजरत हैं. डॉ अशरफ अली ने बताया कि ये घर जाकर अपने परिजनों को संक्रमित न कर सके. इसके लिए इन्हें तत्काल सीएचसी के अस्थायी क्वारंटीन कक्ष में रखा गया है, और इन्हें संबद्ध पंचायत के स्कूल में बने क्वारंटीन सेंटर में शिफ्ट किया जा रहा है.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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