टीबी मुक्त सीवान की मुहिम को मिला सामुदायिक सहयोग, 10 मरीजों को छह माह के लिए लिया गोद

सीवान में टीबी मुक्त भारत अभियान को गति मिली है, जहाँ लायंस क्लब ने 10 टीबी मरीजों को छह महीने के पोषण सहयोग के लिए गोद लिया है. यह पहल सामुदायिक भागीदारी और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण है.

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सीवान में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई. शुक्रवार को लायंस क्लब के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर सिंह के नेतृत्व में लायंस क्लब के सदस्यों और लियो क्लब की सहभागिता से 10 टीबी मरीजों को अगले छह माह तक पोषण सहयोग के लिए गोद लिया गया.

इस दौरान सिविल सर्जन के सभागार में टीबी मरीजों के बीच फूड बास्केट का वितरण किया गया. कार्यक्रम के दौरान डॉ. रामेश्वर सिंह ने मरीजों को खान-पान और पोषण से संबंधित जरूरी जानकारी दी. उन्होंने उपचार के दौरान संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व को समझाते हुए कहा कि टीबी की दवाओं के साथ शरीर को पर्याप्त पोषण मिलना भी जरूरी है. मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने के साथ पौष्टिक भोजन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई.

कार्यक्रम में टीबी सीडीओ डॉ. अशोक कुमार, पिरामल स्वास्थ्य के जिला प्रबंधक बालिंद्र सिंह, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मी तथा संबंधित टीम के सदस्य मौजूद रहे. छह माह तक पोषण सहयोग मिलने से मरीजों को उपचार के दौरान आर्थिक कठिनाइयों के बीच भोजन की चिंता कम करने में मदद मिलेगी.

स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से संभव नहीं है. इसमें समुदाय की सक्रिय भागीदारी, सामाजिक संस्थाओं का सहयोग और स्वास्थ्य विभाग के साथ बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है. लायंस क्लब और लियो क्लब की पहल इसी सामुदायिक भागीदारी का उदाहरण है.

इधर, टीबी कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के लिए शुक्रवार को प्रशिक्षण, कार्यक्रम समीक्षा एवं नई पहल पर चर्चा भी की गई. टीबी सीडीओ डॉ. अशोक कुमार, पटना से आए विश्व स्वास्थ्य संगठन के सलाहकार डॉ. उमेश त्रिपाठी और पिरामल स्वास्थ्य के जिला प्रबंधक बालिंद्र सिंह के नेतृत्व में एसटीएस, एसटीएलएस एवं टीबी एचवी के साथ बैठक हुई. इसमें टीबी कार्यक्रम की वर्तमान प्रगति, सामने आ रही चुनौतियों और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की गई. नई पहल और पायलट आधारित गतिविधियों पर भी चर्चा करते हुए टीबी उन्मूलन के प्रयासों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया.

स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयास से मरीजों को उपचार के साथ पोषण सहयोग मिलने की यह पहल टीबी मुक्त सीवान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि सामूहिक प्रयास और निरंतर सहयोग से ही सीवान को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.


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By अमरनाथ शर्मा

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