Siwan News (मनीष गिरि) : सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले और भाषा और गणित की बुनियादी दक्षता में कमजोर बच्चों को पढ़ाई की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग ने विशेष पहल शुरू की है. यह पहल उन बच्चों के लिए है, जो भाषा और गणित की बुनियादी दक्षताओं में कमजोर पाए गए है. प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के निर्देश पर कक्षा पांच व छह के चयनित विद्यार्थियों के लिए समर कैंप सोमवार से 2026 आयोजित की जाएगी. यह कैंप एक जून से 30 जून तक गांव और टोला स्तर पर संचालित होगा. कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला में 872 समर कैम्प केंद्र बनाए गए है. इस केंद्र पर 1744 स्वयंसेवक लगाए गए है. जिसमें 288 तालीमी मरकज हैं.
एक जून से मॉडल समर कैंप का होगा शुभारंभ
समग्र शिक्षा के डीपीओ जय कुमार ने बताया कि कैम्प के सफल आयोजन के लिए बीईओ को निर्देश दिया गया है. बीईओ प्रखंड के एक मध्य विद्यालय का चयन कर मॉडल समर कैंप के रूप में संचालित करायेंगे. एक जून को स्वयं उसका उद्घाटन भी करेंगे. जिला स्तर पर सदर प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय मटुक छपरा का चुनाव मॉडल समर कैंप के लिए किया गया है. दो घंटा की अवधि में एक घंटा भाषा की पढ़ाई होगी व दूसरे घंटा में गणित विषय पढ़ाया जायेगा. इसका उद्देश्य बच्चों की पढ़ने, समझने, लिखने और गणना करने की क्षमता को मजबूत बनाना है.
हर कैंप में 10–15 बच्चों को मिलेगा विशेष शिक्षण समर्थन
सभी मध्य विद्यालयों से कम से कम दो से तीन ऐसे युवाओं का चयन किया गया है. जो स्वेच्छा से बच्चों को पढ़ाने के लिए तैयार हुए है. शिक्षा सेवक, तालीमी मरकज कर्मी और अन्य सामाजिक संस्थाओं के स्वयंसेवक भी इस अभियान में भाग ले सकेंगे. स्वयंसेवक के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है. साथ ही भाषा और गणित में रुचि तथा स्मार्टफोन संचालन की सामान्य जानकारी भी आवश्यक अनिवार्य है. प्रत्येक कैंप में 10 से 15 बच्चों को शामिल किया गया है.
समर कैंप में कहानी, चित्रांकन और पोस्टर निर्माण भी शामिल
समर कैंप में केवल पारंपरिक पढ़ाई नहीं होगी, बल्कि गतिविधि आधारित शिक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा. बच्चों को पढ़ने, समझने और अभिव्यक्ति कौशल विकसित करने के अवसर दिए जाएंगे. बुनियादी गणितीय गतिविधियों के साथ खेल, कहानी सुनाना, चित्रांकन, पोस्टर निर्माण और अन्य रोचक गतिविधियों को भी शामिल किया गया है. विभाग का मानना है कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ेगी और वे पढ़ाई को बोझ नहीं समझेंगे.
खेल और गतिविधियों के माध्यम से समग्र विकास
ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान आयोजित होने वाले इस विशेष समर कैंप का उद्देश्य बच्चों को सकारात्मक एवं सृजनात्मक गतिविधियों से जोड़ते हुए उनके मानसिक, शारीरिक एवं बौद्धिक विकास को बढ़ावा देना है. छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम को प्रातःकालीन सत्र में संचालित किया गया है. समर कैंप सुबह सात बजे से नौ बजे तक संचालित होगा. जिससे अधिक से अधिक छात्र अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न गतिविधियों में भाग ले सके.
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