Siwan News: (हसनपुरा से उमा शंकर की रिपोर्ट )
सीवान के हसनपुरा प्रखंड के पकड़ी पंचायत स्थित शेखपुरवा के सिद्धेश्वरी हनुमत मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ के तीसरे दिन भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला. वृंदावन धाम से पधारी प्रसिद्ध कथावाचक अर्चनामणि पराशर ने भगवान के अवतार की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का अवतार मानव जीवन के लिए आदर्श और मर्यादा का सर्वोत्तम उदाहरण है.
अधर्म बढ़ने पर लोक कल्याण के लिए अवतरित होते हैं भगवान
कथा के दौरान अर्चनामणि पराशर ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म, अन्याय और अत्याचार बढ़ता है तथा धर्म की हानि होने लगती है, तब-तब निर्गुण और निराकार परब्रह्म भगवान लोक कल्याण के लिए विभिन्न रूपों में अवतरित होते हैं. उनका अवतार केवल दुष्टों के विनाश के लिए नहीं, बल्कि धर्म की पुनर्स्थापना और समाज को सही दिशा दिखाने के लिए भी होता है.
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने दिया आदर्श जीवन का संदेश
कथावाचक ने कहा कि भगवान श्रीराम ने मानव रूप में जन्म लेकर यह बताया कि जीवन में मर्यादा, कर्तव्य और धर्म का पालन किस प्रकार किया जाना चाहिए. उन्होंने पुत्र, भाई, पति, मित्र और राजा के रूप में अपने सभी दायित्वों का आदर्श निर्वहन कर समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया.
श्रीराम-सीता का जीवन त्याग और समर्पण की मिसाल
अर्चनामणि पराशर ने बताया कि भगवान अपने चारों अंशों के साथ श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के रूप में अवतरित हुए, जबकि उनकी दिव्य शक्ति माता सीता के रूप में राजा जनक के घर प्रकट हुईं. उन्होंने कहा कि श्रीराम और सीता का जीवन त्याग, प्रेम, समर्पण और धर्मपालन का अनुपम उदाहरण है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति प्रेरणा प्राप्त कर सकता है.
देवी-देवताओं की झांकियों ने मोहा मन
कथा के दौरान साईं झांकी मंडली द्वारा विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं. मनमोहक झांकियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया और पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा.
सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सुनी कथा
महायज्ञ में आचार्य लक्ष्मी निधि मिश्र, सोमनाथ शुक्ल, मुन्ना, गोलू, मुकेश और जयशंकर सहित आयोजन समिति के सदस्य सक्रिय रूप से मौजूद रहे. कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने भक्ति भाव से कथा का रसपान किया.
महायज्ञ बना आस्था और आध्यात्म का केंद्र
सात दिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. कथा, भजन और झांकियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भक्ति का वातावरण बना हुआ है.
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