Siwan News (मनीष गिरी) : सरकारी विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों की अब हर महीने गुरु गोष्ठी होगी.प्रत्येक महीना में एक दिवसीय प्रखंड स्तरीय मासिक गुरु गोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रखंड के सभी प्रधान शिक्षक व प्रधानाध्यापक शामिल होंगे.इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने डीईओ व डीपीओ को निर्देश दिया है. निर्देश के मुताबिक सूबे की सरकार के द्वारा विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे है. साथ ही शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को नियमित प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. इन प्रयासों को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए अब हर माह एक निश्चित तिथि पर गुरु गोष्ठी आयोजित होगी.इसमें विद्यालय संचालन, शिक्षण पद्धतियों, नवाचारों और चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी.
प्रधानाध्यापकों को नवाचार साझा करने का मिलेगा मंच, उत्कृष्ट कार्यों को मिलेगा सम्मान
गोष्ठी के एजेंडा में विद्यालयों की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों का प्रस्तुतीकरण भी शामिल किया गया है. प्रत्येक गुरुगोष्ठी में प्रधान शिक्षक व प्रधानाध्यापक अपने विद्यालय में किए गए नवाचारों और सफल प्रयासों को साझा करेंगे. उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रधानाध्यापकों की पहचान कर उन्हें प्रशस्ति-पत्र या प्रोत्साहन पत्र दिया जाएगा. बैठक में विद्यालय और कक्षा स्तर की समस्याओं पर चर्चा होगी.प्रधानाध्यापक अपने अनुभव साझा करेंगे.वही बीईओ प्रतिभागियों की मदद से व्यावहारिक समाधान तलाशे जाएंगे. विभागीय प्राथमिकताओं और आगामी माह की कार्ययोजना पर भी प्राप्त निष्कर्षों को प्रधानाध्यापकों के साथ साझा जाएगा. साथ ही जिन बिंदुओं पर सुधार की आवश्यकता महसूस होगी, उनके लिए सामूहिक रणनीति तैयार की जाएगी.डीईओ राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इससे विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित होगा और छात्रों के पठन-पाठन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.गुरु गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाना, प्रधानाध्यापकों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान, विद्यालय निरीक्षण के निष्कर्षों पर कार्रवाई, नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों को बढ़ावा देना और विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करना है.
