सीवान के चौरों में मत्स्य क्रांति की तैयारी, केंद्र ने चुनी क्लस्टर विकास परियोजना, मछली पालकों के लिए खुशखबरी

Siwan News: सीवान जिले के मत्स्य पालकों के लिए बड़ी खुशखबरी है. केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत सीवान को ‘सीवान चौर क्लस्टर विकास परियोजना’ के लिए चयनित किया है.

Siwan News: (सीवान से विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट )
सीवान जिले के मत्स्य पालकों के लिए बड़ी खुशखबरी है. केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत सीवान को ‘सीवान चौर क्लस्टर विकास परियोजना’ के लिए चयनित किया है. परियोजना के लागू होने से चौर क्षेत्रों में संगठित और आधुनिक तरीके से मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा. इससे किसानों, मत्स्य पालकों और उद्यमियों की आय बढ़ने की उम्मीद है.

परियोजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू

मत्स्य निदेशालय, बिहार पटना के निर्देश पर दो सदस्यीय टीम सीवान पहुंची. टीम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्ययोजना पर चर्चा की. साथ ही चौर बहुल क्षेत्रों में मत्स्य पालन की संभावनाओं का आकलन किया और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया.

तीन प्रखंडों के चौर क्षेत्रों का चयन

योजना के तहत बसंतपुर, भगवानपुर हाट और गोरेयाकोठी प्रखंडों के चौर क्षेत्रों का चयन किया गया है. इन क्षेत्रों में योग्य मत्स्य कृषकों की पहचान कर उन्हें समूह के रूप में संगठित किया जाएगा. इसके बाद आधुनिक तकनीक के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से मत्स्य पालन की गतिविधियां संचालित होंगी.

क्लस्टर मॉडल से बढ़ेगा उत्पादन

अधिकारियों के अनुसार क्लस्टर आधारित मॉडल से मछली उत्पादन में वृद्धि होगी. इससे उत्पादन लागत कम होगी और बाजार तक पहुंच आसान बनेगी. साथ ही मत्स्य पालकों को बेहतर आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है.

किसानों के समूहों को मिलेगा सहकारिता का लाभ

परियोजना के तहत 25 से 51 किसानों के समूह बनाए जाएंगे. इन समूहों को सहकारिता मॉडल से जोड़ा जाएगा. इसके लिए जिला सहकारिता विभाग और जिला निबंधन कार्यालय से भी परामर्श लिया गया है. कॉपरेटिव एक्ट के तहत समूहों का गठन कर मत्स्य पालन को व्यवसायिक स्वरूप देने की योजना बनाई गई है.

सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता का लाभ

समूहों के गठन के बाद किसानों को सरकारी योजनाओं, तकनीकी सहायता और वित्तीय सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा. इससे मत्स्य पालन क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और किसानों की आमदनी में सुधार होगा.

प्रशिक्षण और समूह गठन की तैयारी

जिला मत्स्य पदाधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है. चयनित क्षेत्रों में मत्स्य पालकों की पहचान, समूह गठन और प्रशिक्षण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी. उन्होंने कहा कि इससे जिले में मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.

अधिकारियों के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक

परियोजना के संबंध में टीम ने सारण प्रमंडल के संयुक्त निबंधक सैयद मशरूक आलम तथा सीवान सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक सह जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार से भी मुलाकात की. बैठक में योजना के विभिन्न पहलुओं और इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना सीवान को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी. साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

Also Read: siwan news : तीन जून को सीवान के मंदिरों में दर्शन

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sakshi Kumari

साक्षी कुमारी को डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 वर्षों का अनुभव है. पिछले तीन वर्षों से वह डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. उन्हें राजनीति, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक मुद्दों से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग और लेखन का अनुभव है. बिहार की राजनीति और क्षेत्रीय मुद्दों पर उनकी विशेष रुचि है. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization) की भी अच्छी समझ है, जिससे वह पाठकों तक समय पर और प्रभावी ढंग से खबरें पहुंचाने में दक्ष हैं. तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यशैली है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >