Siwan News (विवेक कुमार सिंह) : पंचायत सचिवों की लंबे समय से चल रही हड़ताल अब समाप्त हो गई है. लगभग 53 दिनों तक चले आंदोलन के बाद पंचायत सचिवों ने काम पर लौटने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही पंचायत स्तर पर रुके हुए कई प्रशासनिक और विकासात्मक कार्यों के फिर से गति पकड़ने की उम्मीद बढ़ गई है. सरकार और पंचायत सचिव संघ के बीच हुई बातचीत के बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिससे हड़ताल में शामिल कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है.जानकारी के अनुसार, पंचायत सचिव अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर 8 अप्रैल से आंदोलन पर थे.इस दौरान राज्य के कई जिलों में पंचायत कार्यालयों का कार्य प्रभावित हुआ. जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विभिन्न योजनाओं से जुड़े दस्तावेज, पंचायत स्तर के प्रशासनिक कार्य और कई विकास योजनाओं की निगरानी जैसे कार्य प्रभावित हुए थे.हड़ताल समाप्त होने के बाद सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि केवल हड़ताल में शामिल होने के कारण जिन पंचायत सचिवों को निलंबित किया गया था.
आंदोलनरत सचिवों के लिए सरकार ने सेवा नियमों में दी छूट
उनका निलंबन वापस लिया जाएगा. इससे उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी.जिनके विरुद्ध आंदोलन में भाग लेने के कारण कार्रवाई की गई थी. हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी पंचायत सचिव के खिलाफ अन्य कारणों से अनुशासनिक कार्रवाई या निलंबन किया गया है, तो वह कार्रवाई पूर्ववत जारी रहेगी.सरकार ने हड़ताल अवधि को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. 8 अप्रैल से 30 मई तक की अवधि को कर्मचारियों की सेवा में व्यवधान नहीं माना जाएगा. इस अवधि को उपलब्ध अर्जित अवकाश के आधार पर समायोजित किया जाएगा. जिन कर्मचारियों के पास पर्याप्त अर्जित अवकाश उपलब्ध होगा, उनकी हड़ताल अवधि उसी से नियमित की जाएगी.यदि अर्जित अवकाश पर्याप्त नहीं होगा, तो नियमानुसार अन्य प्रकार के अवकाश की स्वीकृति देकर अवधि का समायोजन किया जाएगा.
लंबित सेवा लाभों पर भी मिलेगा संरक्षण
इस निर्णय का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि हड़ताल में शामिल पंचायत सचिवों की सेवा निरंतर बनी रहेगी और भविष्य में पदोन्नति, वेतन वृद्धि अथवा अन्य सेवा लाभों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा.कर्मचारियों के लिए यह एक बड़ी राहत मानी जा रही है.सेवानिवृत्त हो चुके पंचायत सचिवों के संबंध में भी विशेष व्यवस्था की गई है.जिन कर्मचारियों ने सेवानिवृत्ति के समय अव्यवहृत अर्जित अवकाश का नकदीकरण प्राप्त कर लिया है, उनके मामलों की पुनः समीक्षा की जाएगी. आवश्यकता पड़ने पर समायोजन करते हुए हड़ताल अवधि से संबंधित भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.हड़ताल समाप्त होने के साथ ही सभी पंचायत सचिवों से अपने-अपने कार्यस्थलों पर योगदान देने और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की अपेक्षा की जा रही है. प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में पंचायत व्यवस्था पूरी तरह सामान्य हो जाएगी और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में फिर से तेजी आएगी.
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