Siwan News: प्रेमी को ढूंढते हुए उसके घर पहुंच गई प्रेमिका, बोली- जान दे देंगे लेकिन…

Siwan News: सिवान जिले में काजल कुमारी नाम की एक लड़की अपने प्रेमी के घर पहुंच गई. काजल कुमारी की मांग में सिंदूर देखकर लड़का के परिवारवालों ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया. इसके बाद हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला.

Siwan News: सिवान में एक प्रेमिका अपने प्रेमी को ढूंढते हुए प्रेमी के घर पहुंच गई, जहां उसका हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. मांग में सिंदूर लगाए और भूखे प्यासे अपने प्रेमी का इंतजार कर रही प्रेमिका ने जमकर बवाल काटा. प्रेमी ने मंदिर में शादी करने के बावजूद  प्रेमिका को घर में रखने से इनकार कर दिया. प्रेमिका को देख प्रेमी के परिवार ने घर के दरवाजे को अंदर से बंद कर लिया. प्रेमिका ने प्रेमी के परिजनों पर 10 लाख रुपए दहेज मांगने का आरोप लगाया है. प्रेमिका ने कहा कि जान दे देंगे लेकिन इसी घर में रहेंगे. प्रेमी और प्रेमिका दोनों सीवान जिले के ही रहने वाले है.

काजल का बयान

लड़की ने बताया- मेरा जॉब छुड़वाकर गोरखपुर ले आये

यह मामला सिवान जिले के मैरवा थाना क्षेत्र के हरनाथपुर गांव का है. प्रेमी मैरवा के हरनाथपुर गांव के धर्मेंद्र यादव का पुत्र विशाल यादव और प्रेमिका गुठनी के जमुआओं गांव के तारकेश्वर गोड़ की पुत्री काजल कुमारी है. काजल ने बताया कि पिछले 4 साल से मोबाइल पर बात करने के दरमियान धीरे-धीरे एक दूसरे के करीब आ गए और उसी दरमियान दोनों में प्यार का परवान चढ़ा और फिर दोनों लिव इन रिलेशन में रहने लगे. कुछ माह पूर्व भगवान को साक्षी मानते हुए मंदिर में शादी रचाई थी. काजल ने आगे बताया, ‘मैं हरियाणा में रहकर जॉब करती थी, उस वक्त मैं अपने प्रेमी का सारा खर्च भी उठाती थी. लेकिन उन्होंने मेरा जॉब छुड़वा दिया और मुझे गोरखपुर ले आए, जहां हम दोनों मिलकर किराए के रूम में रहते थे.’

संबंध बनाने से पहले जाति के बारे में नहीं सोचा- काजल कुमारी

काजल कुमारी ने बताया, ‘कुछ दिन पहले वो घर आ गए और हमसे बातचीत करना और मेरा फोन बंद कर दिए. उसके बाद गोरखपुर से चलकर सीधे अपने प्रेमी के घर पहुंचे हैं. जहां घर पहुंचने पर प्रेमी ने उसको रखने से इनकार कर दिया. घर के सभी लोग दरवाजे को अंदर से बंद कर लिया है. कहते हैं प्यार किसी का मोहताज नहीं होता. प्यार में पड़े लोगों को ना तो घर परिवार की फिक्र होती है ना ही समाज की.’ प्रेमिका ने कहा कि जान दे देंगे लेकिन इसी घर में रहेंगे. आज जो जाति की सोच रहे हैं तो शारीरिक सम्बन्ध बनाने और शादी करने वक्त क्यों नहीं सोचा. अब मरेंगे तो इनके ही साथ और जिएंगे तो इनके ही साथ. मौके पर पहुंची डायल 112 की पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही हैं.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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