इस जिसे के मछुआरों के लिए बड़ी खुशखबरी, अनुदान पर बांटी जाएगी नाव

Siwan News: सिवान में मछुआरों के लिए बड़ी खुशखबरी है. सरकार अब उन्हें अनुदान पर नाव, जाल और मत्स्य परिवहन वाहन सामग्री बांटेगी. डेयरी,मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की योजना से जिले के सैकड़ों लाभुकों को इससे फायदा होगा.

Siwan News: (विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट) जिले के मछुआरों और मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. डेयरी,मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की ओर से मछुआ कल्याण योजना के तहत शुक्रवार को जिला परिषद परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर लाभुकों के बीच नाव,जाल,मत्स्य परिवहन वाहन और मत्स्य विपणन किट का वितरण किया जाएगा.

मछुआरों को होगा फायदा

कार्यक्रम में जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय लाभुकों को योजनाओं का लाभ प्रदान करेंगे. ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मछली उत्पादन होने के बावजूद ताजी मछलियों को बाजार तक पहुंचाने में मत्स्य पालकों और व्यवसायियों को काफी परेशानी होती है. इसी समस्या को देखते हुए विभाग की ओर से 19 लाभुकों के बीच थ्री व्हीलर आईस बॉक्स वाहन का वितरण किया जाएगा. यह वाहन 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है. वाहन मिलने से मछलियों को सुरक्षित तरीके से बाजार तक पहुंचाया जा सकेगा. जिससे मछली खराब होने की समस्या कम होगी और उपभोक्ताओं को भी ताजी मछलियां उपलब्ध हो सकेंगी. मत्स्य व्यवसाय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभाग द्वारा मत्स्य विपणन किट का भी वितरण किया जाएगा. यह योजना पूरी तरह निशुल्क है.

135 लाभुकों को होगा फायदा

दरौंदा,भगवानपुरहाट और सीवान सदर प्रखंड के आवेदन करने वाले करीब 135 लाभुकों को इस योजना का लाभ मिलेगा. किट मिलने से छोटे स्तर पर मछली बेचने वाले व्यवसायियों को काफी सुविधा होगी और उनका कार्य आसान बनेगा. मछुआरों को पारंपरिक संसाधनों से सशक्त बनाने के लिए विभाग की ओर से नाव और जाल का भी वितरण किया जाएगा. योजना के तहत सात लकड़ी की नाव और 30 जाल लाभुकों के बीच बांटे जाएंगे. इस योजना में 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मछुआरों को काफी राहत मिलेगी. विभाग का मानना है कि इससे मछली पकड़ने के कार्य में तेजी आएगी और मछुआरों की आमदनी बढ़ेगी.

सरकार आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध

जिला मत्स्य पदाधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि सरकार मछुआरों और मत्स्य पालकों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों की आय में वृद्धि करना है. विभाग की कोशिश है कि अधिक से अधिक लाभुक योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनें. उन्होंने कहा कि सरकार की इन योजनाओं से जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

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लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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