Siwan News (अरविंद कुमार सिंह): सीवान के जीबी नगर तरवारा थाना क्षेत्र अंतर्गत गोहपुर बजरिया गांव में एक 13 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध हालत में मौत होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. इस घटना को लेकर मृतका के परिजनों ने गांव के ही कुछ लोगों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. परिवार का कहना है कि किशोरी के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई. परिजनों ने दावा किया है कि मृतका के शरीर पर कई चोट के निशान मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका गहरी होती है. हालांकि, इन आरोपों की असली सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगी.
विवाद के बाद थाने गई थी किशोरी
मृतका के पिता अनिल कुमार ने घटना के घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 30 मई की सुबह गांव में एक विवाद हुआ था. आरोप है कि राजन सिंह नामक व्यक्ति ने उनकी बेटी पर अपने बेटे के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया था. इसी कहासुनी के बीच किशोरी के साथ भी मारपीट की गई. परिजनों का दावा है कि इस घटना के तुरंत बाद किशोरी खुद शिकायत लेकर जीबी नगर तरवारा थाने पहुंची थी. लेकिन, पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और बिना कोई ठोस कार्रवाई किए उसे वापस घर भेज दिया.
घर में अकेली पाकर वारदात को अंजाम देने का आरोप
पिता का आरोप है कि उसी दिन शाम को जब किशोरी घर में पूरी तरह अकेली थी, तब आरोपित पक्ष के कुछ लोगों ने उसे अपने कब्जे में ले लिया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई. परिजनों ने स्थानीय थाना प्रभारी पर भी बेहद संगीन आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया और आरोपित पक्ष से कथित रूप से 10 हजार रुपये लेकर मामले को दबाने और हल्का करने का प्रयास किया गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उनका कहना है कि अगर पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो उनकी बेटी की जान बच सकती थी.
पुलिस की लापरवाही की भी होगी जांच- SP
इस संवेदनशील मामले पर सीवान के एसपी पूरण कुमार झा ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. एसपी ने स्पष्ट किया कि यदि इस वारदात में किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही या गलत भूमिका पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार विभागीय कार्रवाई होगी. दोषी चाहे जो भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा.
पोस्टमार्टम में देरी को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश
इधर, पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में भी स्थानीय स्तर पर सहयोग नहीं मिला और इसमें अनावश्यक रूप से देरी की गई. घटना के बाद से गोहपुर बजरिया गांव में शोक के साथ-साथ भारी आक्रोश का माहौल व्याप्त है. स्थानीय ग्रामीण पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जता रहे हैं और मामले की पूरी तरह निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने की मांग कर रहे हैं.
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