मछुआरों को मिला विकास का नया सहारा, आसान होगा ताजी मछलियों का कारोबार

Siwan News: जिले में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने और मछुआरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की ओर से कचहरी रोड स्थित जिला परिषद परिसर में मछुआ कल्याण योजनाओं के तहत लाभार्थियों के बीच सामग्री का वितरण किया गया।

Siwan News: (विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट) जिले में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने और मछुआरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की ओर से कचहरी रोड स्थित जिला परिषद परिसर में मछुआ कल्याण योजनाओं के तहत लाभार्थियों के बीच सामग्री का वितरण किया गया।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय, जिला परिषद अध्यक्ष संगीता देवी, उप विकास आयुक्त मुकेश कुमार, उप मत्स्य निदेशक सुमन कुमार तथा जिला मत्स्य पदाधिकारी चंदन कुमार ने संयुक्त रूप से लाभुकों को मत्स्य परिवहन वाहन, नाव और जाल प्रदान किया।

नौ लाभुकों को मिला आइस बॉक्स युक्त वाहन

प्रतीकात्मक तस्वीर

मत्स्य परिवहन वाहन योजना के तहत नौ लाभार्थियों को आइस बॉक्स सहित थ्री-व्हीलर वाहन उपलब्ध कराया गया। वहीं राज्य योजना के अंतर्गत नाव एवं जाल वितरण पैकेज के तहत सात मत्स्य पालकों को नाव और जाल दिए गए। इसके अलावा 13 लाभार्थियों को कास्ट नेट का वितरण किया गया। सामग्री मिलने के बाद लाभार्थियों में उत्साह देखा गया।

मत्स्य पालकों को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता

जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता मछुआरों और मत्स्य पालकों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों की आय बढ़ाना और उन्हें आधुनिक संसाधनों से जोड़ना है।

डीएम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मछली उत्पादन होता है, लेकिन ताजी मछलियों को बाजार तक पहुंचाने में कई तरह की परेशानियां आती हैं। आइस बॉक्स युक्त वाहन उपलब्ध होने से अब मछलियों का सुरक्षित परिवहन संभव हो सकेगा और उपभोक्ताओं को ताजी मछलियां मिल पाएंगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

प्रतीकात्मक तस्वीर

जिला परिषद अध्यक्ष संगीता देवी ने कहा कि सरकार लगातार मत्स्य पालकों के हित में योजनाएं चला रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने लाभार्थियों से योजनाओं का सही उपयोग करने की अपील की।

योजनाओं में मिल रहा भारी अनुदान

उप मत्स्य निदेशक सुमन कुमार ने बताया कि जिले में मत्स्य उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं. उन्होंने बताया कि थ्री-व्हीलर आइस बॉक्स वाहन की प्रति इकाई लागत तीन लाख रुपये है, जिस पर 50 प्रतिशत यानी डेढ़ लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। वहीं नाव पैकेज योजना के तहत फिशिंग वुडेन बोट की लागत 1.244 लाख रुपये निर्धारित है, जिस पर 90 प्रतिशत यानी 1.11960 लाख रुपये का अनुदान सरकार द्वारा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के लिए प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों के आधार पर नियमानुसार लाभार्थियों का चयन किया गया है।

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