Siwan News (आनंद मिश्र): सीवान जिले के बड़हरिया थाना क्षेत्र से सोमवार की अहले सुबह एक बेहद खौफनाक और संदिग्ध मौत की वारदात सामने आई है. सदरपुर गांव के पश्चिमोत्तर नहर शाखा के बगल में स्थित एक बगीचे में आम के पेड़ से लटकते हुए एक अधेड़ व्यक्ति का शव बरामद किया गया है. पेड़ से लाश लटकने की खबर मिलते ही पूरे इलाके में आग की तरह सनसनी फैल गई और बगीचे में भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी. मृतक की पहचान सदरपुर गांव निवासी स्वर्गीय विश्वनाथ सिंह के 53 वर्षीय छोटे पुत्र वीरेंद्र सिंह के रूप में की गई है.
जमीन से महज एक बीता ऊपर था पैर, परिजनों ने लगाया हत्या का संगीन आरोप
घटना की सूचना मिलते ही बड़हरिया थानाध्यक्ष छोटन कुमार, एसआई रंजीत कुमार साह, एसआई गौतम कुमार और महिला अधिकारी अनुप्रिया भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत मुजफ्फरपुर से एफएसएल (FSL) की फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया. फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम ने आते ही पूरे क्राइम सीन की घेराबंदी (कॉर्डन ऑफ) कर दी और शव के पास मौजूद अहम निशानों की फोटोग्राफी की. प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, वीरेंद्र सिंह का पैर जमीन से महज एक बीता ऊपर था, जिससे मामला पूरी तरह संदिग्ध लग रहा है. परिजनों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि वीरेंद्र सिंह की हत्या कहीं और की गई है और साक्ष्य छुपाने व इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को रात के अंधेरे में बगीचे में लाकर आम के पेड़ से टांग दिया गया है.
मवेशी बांधने वाली रस्सी और रबर का फंदा, रात में घर में हुआ था मामूली विवाद
पुलिसिया पूछताछ में मृतक के पुत्र बबलू कुमार ने बताया कि रविवार की रात घर में किसी घरेलू बात को लेकर वीरेंद्र सिंह का मामूली विवाद हुआ था, जो कुछ ही देर में शांत भी हो गया था. इसके बाद वीरेंद्र सिंह पुराने घर पर खाना खाकर, गांव में ही बन रहे अपने नए निर्माणाधीन घर के परिसर में सोने के लिए चले गए थे. लेकिन सुबह उनका शव घर के बजाय गांव के बाहर बगीचे में पेड़ से लटकता हुआ मिला, जिससे कई तरह के गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
पुलिस ने जब बारीकी से मुआयना किया तो पाया कि फंदे के लिए मवेशी बांधने वाली रस्सी और रबर का इस्तेमाल किया गया था. पुलिस ने परिजनों की लिखित सहमति के बाद शव को पेड़ से नीचे उतारा और पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सीवान भेज दिया है. FSL की टीम अपने साथ वह संदिग्ध रस्सी और रबर भी जांच के लिए ले गई है.
पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा शव, थानाध्यक्ष बोले “रिपोर्ट के बाद ही खुलेगा मौत का राज”
सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने वीरेंद्र सिंह के शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया. जैसे ही एम्बुलेंस से शव सदरपुर गांव पहुंचा, मृतक की पत्नी, बच्चों और परिजनों की चीख-पुकार से पूरा गांव दहल उठा और माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया.
थानाध्यक्ष छोटन कुमार ने इस संदिग्ध मामले पर आधिकारिक बयान देते हुए कहा कि पुलिस प्रथमदृष्टया इसे आत्महत्या के एंगल से भी देख रही है, लेकिन परिजनों के हत्या के आरोपों को खारिज नहीं किया जा सकता. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट और FSL टीम की वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा कि यह बेरहमी से की गई हत्या है या फिर आत्महत्या. पीड़ित परिवार की तरफ से जैसे ही लिखित आवेदन (शिकायत) प्राप्त होती है, तुरंत नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस नए मकान से लेकर बगीचे तक के रूट और मोबाइल लोकेशंस खंगालने में जुटी है.
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