Siwan News : हंसी, प्रेरणा और सकारात्मक सोच के जरिए कैदियों के जीवन में बदलाव का संदेश देने वाले सीवान के नागेश्वर दास उर्फ ‘लाफिंग बुद्धा’ एक बार फिर उत्तराखंड की जेलों में कार्यक्रम करेंगे. हल्द्वानी जेल अधीक्षक प्रमोद पांडे ने कैदियों में सकारात्मक सोच, आत्मचिंतन और आत्म-सुधार की भावना विकसित करने के उद्देश्य से नागेश्वर दास को विशेष कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया है.
बिहार समेत कई राज्यों की जेलों में कर चुके हैं कार्यक्रम
नागेश्वर दास पिछले कई वर्षों से बिहार समेत देश के अलग-अलग राज्यों की जेलों में कैदियों के बीच प्रेरणात्मक कार्यक्रम करते आ रहे हैं. बिहार की जेलों में उन्होंने करीब पांच वर्षों तक अपनी सेवाएं दी हैं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की जेलों में भी उनके कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं.
जेलों में उनके कार्यक्रमों का उद्देश्य कैदियों को सकारात्मक सोच के साथ जीवन में सुधार और भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करना रहा है.
हंसी और सकारात्मक सोच से आत्म-सुधार का संदेश
हल्द्वानी जेल अधीक्षक प्रमोद पांडे ने नागेश्वर दास के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि कैदियों को जीवन में सुधार और भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरणा मिलना जरूरी है. उन्होंने कहा कि हंसी और सकारात्मक सोच के माध्यम से दिया जाने वाला संदेश कैदियों के आत्म-सुधार में उपयोगी हो सकता है.
नागेश्वर दास अपने कार्यक्रमों में हंसी और सकारात्मक सोच के साथ जीवन के विभिन्न प्रसंगों को जोड़कर कैदियों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करते हैं.
बुद्ध, अंगुलिमाल और वाल्मीकि के प्रसंगों से देते हैं संदेश
कार्यक्रमों के दौरान नागेश्वर दास भगवान बुद्ध, अंगुलिमाल और महर्षि वाल्मीकि के जीवन प्रसंगों के माध्यम से आत्मबोध और परिवर्तन का संदेश देते हैं. उनका प्रयास रहता है कि कैदी अपने अतीत से सीख लेकर भविष्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करें.
करीब चार वर्ष पहले चमोली और पौड़ी की जेलों में भी उनके प्रेरणात्मक कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं. उनके कार्यों के लिए विभिन्न जेल अधिकारियों की ओर से प्रशस्ति-पत्र भी प्रदान किये गये हैं.
