GB Nagar Police Station: जीबी नगर थाना क्षेत्र में 24 घंटे के अंदर दो युवकों की हत्या से इलाके में दहशत का माहौल है. लगातार हुई दो हत्याओं के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं. ग्रामीणों में पुलिस के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है. भरतपुरा पंचायत के पूर्व सरपंच नयन महतो के पुत्र अविनाश उर्फ धनजी महतो की अपहरण के बाद हत्या के 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि सोमवार की सुबह पांडेयपुर खमहौरी गांव में एक और युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गयी.
मृतक की पहचान गांव निवासी लालबाबू यादव के 23 वर्षीय पुत्र रोहित कुमार यादव के रूप में हुई है. उसका शव गांव स्थित राजकीय मध्य विद्यालय से करीब 50 मीटर दक्षिण की ओर फेंका हुआ मिला. सुबह शौच के लिए निकले ग्रामीणों ने शव के पास खून के निशान, चाकू और करीब 10 जोड़ी चप्पलें देखीं. इसके बाद शोर मचाने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गये.
एफएसएल टीम के साथ पहुंची पुलिस
सूचना मिलने पर प्रभारी थानाध्यक्ष अवर निरीक्षक रामाशंकर साह पुलिस बल और एफएसएल टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की. घटनास्थल के आसपास मारपीट के निशान भी मिले हैं. पुलिस को आशंका है कि मृतक और हमलावरों के बीच काफी देर तक संघर्ष हुआ होगा.
बताया जाता है कि घटना में मृतक के अलावा दो अन्य युवक भी चाकू लगने से घायल हुए हैं. पुलिस ने परिजनों के मौखिक बयान के आधार पर गांव के रंजन लाल यादव के पुत्र रोहित कुमार समेत दो अन्य युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.
प्रेम प्रसंग समेत कई बिंदुओं पर जांच
पुलिस हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है. मृतक अविवाहित था. पुलिस प्रेम प्रसंग समेत अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. मृतक के मोबाइल नंबर के आधार पर तकनीकी सेल की भी मदद ली जा रही है.
चार घंटे तक शव उठाने में मशक्कत
शव को घटनास्थल से उठाने में पुलिस को करीब चार घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी. पंचनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सीवान सदर अस्पताल भेज दिया गया.
विद्यालय परिसर को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान के पास युवक की हत्या कर शव फेंका गया, उसके समीप ही राजकीय मध्य विद्यालय है. आरोप है कि सूरज ढलने के बाद विद्यालय परिसर के आसपास शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है. इसकी सूचना कई बार पुलिस को दी गयी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई.
ग्रामीणों के अनुसार, शाम होते ही विद्यालय परिसर के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है. लोगों ने इस क्षेत्र में पुलिस गश्ती बढ़ाने की मांग की है.
गश्ती व्यवस्था पर भी उठे सवाल
24 घंटे के अंदर दो युवकों की हत्या के बाद ग्रामीणों ने रात्रि और संध्या गश्ती व्यवस्था पर सवाल उठाये हैं. लोगों का कहना है कि पुलिस गश्ती के नाम पर महज खानापूर्ति कर रही है. वहीं, पुलिस की ओर से वाहनों की कमी के कारण पूरे इलाके में समय पर प्रभावी गश्ती नहीं हो पाने की बात कही जाती है. हालांकि, ग्रामीण पुलिस के इस तर्क से संतुष्ट नहीं हैं.
इस संबंध में थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि गांव के एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. उन्होंने कहा कि अनुसंधान प्रभावित होने की आशंका के कारण फिलहाल इससे अधिक जानकारी नहीं दी जा सकती.
