सीवान: भाकपा (माले) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने बुधवार को अंबेडकर पार्क में आयोजित प्रतिवाद सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नीट-यूजीसी पेपर लीक के विरोध में चले जेन-जी आंदोलन ने केंद्र सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस लड़ाई की केवल शुरुआत है तथा लोकतंत्र, संविधान, शिक्षा और रोजगार के सवालों पर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा.
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
दीपंकर भट्टाचार्य ने बिहार बंद के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की. उन्होंने सीवान के पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) को हटाने की भी मांग की. उनका आरोप था कि आंदोलनकारियों पर की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है.
घायल छात्रों और युवाओं से की मुलाकात
प्रतिवाद सभा से पहले दीपंकर भट्टाचार्य ने दरौली प्रखंड के डुमरहर बुजुर्ग गांव पहुंचकर घायल छात्र बुलेट गोंड और उनके परिजनों से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने जीरादेई प्रखंड के ठेपहां गांव में आरवाईए नेता विशाल यादव तथा शहर के शेख मुहल्ला में घायल मो. आरिफ से भी मिलकर उनका हालचाल जाना.
रिहा छात्र-युवा नेताओं को किया सम्मानित
सभा में बिहार बंद के दौरान गिरफ्तार होकर बाद में रिहा हुए छात्र-युवा नेताओं पवन कुशवाहा, अरुण कुमार राम, विश्वकर्मा कुशवाहा और विशाल यादव को सम्मानित किया गया. इस दौरान जेएनयू छात्रसंघ की संयुक्त सचिव दानिश, आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय, राज्य सचिव दीपांकर मिश्रा तथा सबा आफरीन ने भी सभा को संबोधित किया. वक्ताओं ने शिक्षा, परीक्षा प्रणाली और रोजगार के मुद्दों पर आंदोलन को और तेज करने का आह्वान किया.
16 वर्ष की आयु में मताधिकार देने की उठाई मांग
दीपंकर भट्टाचार्य ने अपने संबोधन में 16 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को मताधिकार देने की भी मांग उठाई. कार्यक्रम में पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा, सत्यदेव राम, जिला सचिव इंद्रजीत चौरसिया सहित बड़ी संख्या में भाकपा (माले), आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ता मौजूद रहे.
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