सीवान में डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण का प्रशिक्षण, डेटा की शुद्धता और शत-प्रतिशत कवरेज पर जोर

Digital Crop Survey: जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 12-13 अगस्त को दो दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य डेटा की शुद्धता, विश्वसनीयता और शत-प्रतिशत सर्वेक्षण कवरेज सुनिश्चित करना है.

Digital Crop Survey: जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण के प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को लेकर कृषि विभाग की ओर से 12 और 13 अगस्त को दो दिवसीय जिला स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण सत्र आयोजित किया गया. प्रशिक्षण में जिला और प्रखंड स्तर के संबंधित पदाधिकारियों एवं तकनीकी कर्मियों को सर्वेक्षण की तकनीकी प्रक्रिया और फील्ड स्तर पर बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गयी.

कृषि अधिकारियों और कर्मियों ने लिया प्रशिक्षण

प्रशिक्षण में जिला कृषि पदाधिकारी आलोक कुमार सहित सभी प्रखंडों के प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, कृषि समन्वयक, सहायक तकनीकी प्रबंधक और किसान सलाहकार शामिल हुए. प्रशिक्षण का तकनीकी संचालन मनोरंजन कुमार ने किया.

डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण की तकनीकी प्रक्रिया समझायी

प्रशिक्षण सत्र में डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण की कार्यप्रणाली, सर्वेक्षण यूनिट की पहचान, प्लॉट और खसरा आधारित फसल विवरण का संकलन, जियो-लोकेशन एवं जियो-टैगिंग, फसल की वास्तविक स्थिति का फील्ड स्तर पर सत्यापन, मोबाइल एप के माध्यम से डेटा कैप्चरिंग और डिजिटल डेटा अपलोड करने की प्रक्रिया विस्तार से समझायी गयी.

मोबाइल एप के माध्यम से दिया गया डेमो

प्रशिक्षक ने मोबाइल एप के इंटरफेस और वर्कफ्लो के माध्यम से सर्वेक्षण की विभिन्न प्रक्रियाओं का व्यावहारिक डेमो दिया. इसमें लॉग-इन और यूजर ऑथेंटिकेशन, संबंधित क्षेत्र और प्लॉट की पहचान, आवश्यक फील्ड की एंट्री, फसल संबंधी पैरामीटर का चयन, जियो-टैग्ड फोटो अपलोड, डेटा सेव, सिंक्रोनाइजेशन और सबमिट किये गये डेटा के सत्यापन की प्रक्रिया प्रदर्शित की गयी.

डेटा क्वालिटी कंट्रोल पर विशेष जोर

प्रशिक्षण के दौरान फील्ड स्तर पर डेटा की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया. कर्मियों को निर्देश दिया गया कि सर्वेक्षण के दौरान अनुमानित या अप्रमाणित जानकारी दर्ज नहीं करें. रियल टाइम फील्ड ऑब्जर्वेशन के आधार पर ही डेटा कैप्चर करने को कहा गया.

गलत लोकेशन, गलत फसल का चयन, अधूरी प्रविष्टि, अस्पष्ट फोटो और डुप्लीकेसी जैसी तकनीकी त्रुटियों से बचने के तरीके भी बताये गये.

सटीक फसल डेटाबेस तैयार करना उद्देश्य : जिला कृषि पदाधिकारी

जिला कृषि पदाधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण केवल आंकड़ा संकलन की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि सटीक और जियो-रेफरेंस्ड फसल डेटाबेस तैयार करने की महत्वपूर्ण तकनीकी प्रक्रिया है. इसलिए सर्वेक्षण के प्रत्येक स्तर पर डेटा की शुद्धता, विश्वसनीयता और सत्यापन जरूरी है.

उन्होंने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों और संबंधित कर्मियों को फील्ड सर्वेक्षण की नियमित मॉनिटरिंग, डेटा क्वालिटी की समीक्षा और तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत सर्वेक्षण कवरेज पूरा करने पर भी जोर दिया गया.

फील्ड समस्याओं के समाधान की दी गयी जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान कर्मियों की ओर से उठायी गयी तकनीकी और फील्ड स्तर की समस्याओं पर भी चर्चा की गयी. प्रशिक्षकों ने विभिन्न समस्याओं के व्यावहारिक समाधान की जानकारी दी, ताकि सर्वेक्षण कार्य के दौरान कर्मियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.

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By मनीष गिरि

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