Child Labor Rescued: बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरुवार को सीवान सदर प्रखंड क्षेत्र में धावा दल ने विभिन्न दुकानों और प्रतिष्ठानों में छापेमारी की. इस दौरान दो बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया. कार्रवाई श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, बिहार तथा जिला प्रशासन के निर्देश पर गठित धावा दल ने की.
विभिन्न दुकानों और प्रतिष्ठानों में हुई जांच
धावा दल ने सीवान सदर क्षेत्र स्थित विभिन्न दुकानों एवं प्रतिष्ठानों की जांच की. इस दौरान बाल श्रमिकों से काम कराने को लेकर निरीक्षण किया गया और मौके से दो बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया.
कार्रवाई में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सीवान सदर, मानव तस्करी रोधी इकाई, स्थानीय थाना पुलिस तथा स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के प्रतिनिधियों ने सहयोग किया.
बाल कल्याण समिति को सौंपे गए दोनों बच्चे
छापेमारी के दौरान मुक्त कराए गए दोनों बच्चों को आगे की आवश्यक कानूनी और पुनर्वास संबंधी कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया. इसके बाद दोनों बच्चों को समिति के सुपुर्द कर दिया गया.
बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास और उनके हित में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने की कार्रवाई की जाएगी.
प्रतिष्ठान संचालकों के खिलाफ होगी कार्रवाई
बाल श्रमिकों को नियोजित करने वाले प्रतिष्ठान संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी.
धावा दल में ये अधिकारी रहे शामिल
अभियान में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुधांशु रंजन पांडेय, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सीवान सदर, प्रोग्राम मैनेजर भोला श्रीवास्तव, सीएसए स्वीटी कुमारी सिंह और सीएसडब्ल्यू धीरज सिंह के साथ एएचटीयू के पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल शामिल रहे.
प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से बाल श्रम के खिलाफ लगातार कार्रवाई करने की बात कही गयी है. अभियान का उद्देश्य बच्चों को श्रम से मुक्त कराकर उन्हें शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है.
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