Siwan News: आंदर थाना क्षेत्र अंतर्गत उज्जैन बंगरा गांव में जातीय तनाव और भड़काऊ बयानों के प्रसार को देखते हुए प्रशासन ने एक बार फिर कड़ा कदम उठाया है. विधि-व्यवस्था को पूरी तरह नियंत्रित रखने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी (SDO) आशुतोष गुप्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है. यह आदेश उज्जैन बंगरा गांव के साथ-साथ पूरे आंदर प्रखंड और आंदर बाजार क्षेत्र में 31 अगस्त तक प्रभावी रहेगा. इसके तहत क्षेत्र में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है.
प्रशासन के अनुसार, उज्जैन बंगरा गांव में एक वायरल वीडियो और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संबंध में कथित जातिसूचक शब्दों के प्रयोग को लेकर तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई थी. इसके बाद संतोष सिंह के साथ मारपीट और गाली-गलौज की घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से मिली शिकायतों पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस अनुसंधान कर रही है. हालांकि, दोनों पक्षों से जुड़े कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर लगातार भड़काऊ और उन्मादपूर्ण बयान प्रसारित किए जा रहे थे, जिससे विधि-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर यह निषेधाज्ञा लागू की गई है.
चार या अधिक व्यक्तियों के जुटने और घातक हथियारों पर रोक
जारी आदेश के अनुसार, क्षेत्र में शांति भंग करने या किसी घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से चार या उससे अधिक व्यक्तियों के एक जगह एकत्र होने, भड़काऊ भाषण देने, नारेबाजी करने और अफवाह फैलाने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी. इसके अलावा लाठी, डंडा, भाला, गड़ासा, चाकू, आग्नेयास्त्र और विस्फोटक सामग्री लेकर चलने पर सख्त मनाही है.
सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी, भड़काऊ पोस्ट पर होगी सीधी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए जातीय उन्माद फैलाने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ भड़काने या सरकारी कार्य में बाधा डालने वाली किसी भी पोस्ट या सामग्री के प्रसार पर कड़ी नजर रखी जा रही है. साइबर सेल की निगरानी में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर गैर-जमानती धाराओं में कार्रवाई की जाएगी.
इन सेवाओं और आयोजनों को रहेगी छूट
यह निषेधाज्ञा ड्यूटी पर तैनात सरकारी पदाधिकारियों, पुलिस बल, सैन्य जवानों और प्रशासन से विधिवत पास प्राप्त व्यक्तियों पर लागू नहीं होगी. इसके अतिरिक्त शव यात्रा, पूर्व निर्धारित धार्मिक जुलूस और शादी-विवाह जैसे पारिवारिक कार्यक्रमों को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है, बशर्ते वे प्रशासनिक गाइडलाइंस और शांति व्यवस्था का पालन करें.
एसडीओ आशुतोष गुप्ता ने दो टूक कहा कि क्षेत्र में अमन-चैन बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और आदेश की अवहेलना करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा.
