कूड़ा डंपिंग के लिए संभावित स्थलों का एसडीओ ने लिया जायजा

सीवान नगर परिषद के 45 वार्डों से रोज निकलता है 50 टन कचरा, गंदगी मुक्त होगा शहर

By Shashi Kant Kumar | January 8, 2026 10:45 PM

सीवान . शहरी क्षेत्र के 45 वार्डों से प्रतिदिन निकलने वाले कूड़ा-कचरे को जमा करने में नगर परिषद को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. नगर परिषद के पास अपना स्थायी डंपिंग स्थल नहीं होने के कारण कूड़ा-कचरा कभी सड़क किनारे, तो कभी कूड़ा प्वाइंट पर जमा किया जाता है. इससे न केवल लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है, बल्कि दुर्गंध और गंदगी से भी लोग परेशान हैं. कई जगहों पर कचरे का अंबार लग जाने से शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. इस गंभीर समस्या के समाधान को लेकर सीवान सदर के अनुमंडल पदाधिकारी आशुतोष गुप्ता और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ विपिन कुमार ने नौतन प्रखंड के अंगौता गांव, हुसैनगंज प्रखंड के चाप सहित अन्य संभावित स्थानों का भ्रमण कर कूड़ा डंप करने के लिए उपयुक्त जमीन का जायजा लिया. अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जमीन की स्थिति, पहुंच पथ और आसपास की आबादी को ध्यान में रखते हुए आवश्यक बिंदुओं पर विचार किया.

भुगतान के बाद भी नहीं मिला कब्जा

बताया जाता है कि नगर परिषद ने 2017 में नौतन प्रखंड के अंगौता गांव में कूड़ा डंपिंग के लिए 12 बीघा 4 कट्ठा 10 धुर जमीन खरीदी थी. इस जमीन के लिए नगर परिषद ने करीब चार करोड़ रुपये का भुगतान भी किया था. बावजूद इसके जमीन खरीद के इतने वर्षों बाद भी नगर परिषद को अब तक उस जमीन पर वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका है. कब्जा नहीं मिलने के कारण शहर से प्रतिदिन निकलने वाले कूड़ा-कचरे को इधर-उधर डंप करना पड़ रहा है, जिससे समस्या और गंभीर होती जा रही है.

सामाजिक सहमति से समाधान निकालने में जुटे अधिकारी

एसडीओ और इओ ने अंगौता पहुंचकर जब जमीन का निरीक्षण किया तो पाया गया कि वहां कूड़ा गिराने के लिए एक मजबूत पहुंच पथ की आवश्यकता है. यदि पहुंच पथ का निर्माण कर दिया जाए तो कूड़ा डंप करने में किसी तरह की तकनीकी या व्यावहारिक परेशानी नहीं होगी. अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत की जाएगी, ताकि कूड़ा डंपिंग को लेकर किसी तरह का विरोध या बाधा उत्पन्न न हो. इससे पहले भी नगर परिषद द्वारा कई बार अंगौता में कूड़ा गिराने का प्रयास किया गया था, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण कूड़ा डंपिंग का काम शुरू नहीं हो सका. इसी को ध्यान में रखते हुए अब प्रशासन सामाजिक सहमति के साथ समाधान निकालने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी वैकल्पिक जमीन की तलाश की जा रही है, ताकि यदि किसी एक जगह पर समस्या आए तो दूसरा विकल्प मौजूद रहे.

डीएम कर रहे माॅनीटरिंग

नगर परिषद के सभी 45 वार्डों से प्रतिदिन करीब 50 टन कूड़ा-कचरा एकत्रित किया जाता है. इतने बड़े पैमाने पर निकलने वाले कचरे के स्थायी निस्तारण के लिए एक व्यवस्थित और उपयुक्त डंपिंग स्थल की सख्त जरूरत है. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही अपने स्तर से जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की लगातार मॉनिटरिंग जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय स्वयं कर रहे हैं. प्रशासन का प्रयास है कि कूड़ा निस्तारण की समस्या का स्थायी समाधान निकालकर शहर को स्वच्छ और रहने योग्य बनाया जा सके.

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