सीवान : दरौंदा में स्कूल भवन गिरा तो बढ़ी बच्चों की मुश्किल, दो किमी दूर भेजे जा रहे कक्षा 1 से 5 तक के छात्र, डीएम से पुनर्निर्माण की मांग

Daraunda School Building : दरौंदा प्रखंड मुख्यालय स्थित राजकीय मध्य विद्यालय पिपरा का एक भवन गिरने से कक्षा एक से पांच तक के बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है. बच्चों को करीब दो किलोमीटर दूर दूसरे खंड में भेजा जा रहा है, जिससे अभिभावक चिंतित हैं.

Daraunda School Building : सीवान के दरौंदा प्रखंड मुख्यालय स्थित राजकीय मध्य विद्यालय पिपरा के प्रथम खंड का भवन गिर जाने से कक्षा एक से पांच तक के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. भवन गिरने के बाद इन बच्चों को विद्यालय के दूसरे खंड में भेजा जा रहा है, जो करीब दो किलोमीटर दूर है. छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आवेदन देकर पुराने स्थल पर नया भवन बनाने की मांग की है.

दो खंडों में संचालित होता है विद्यालय

ग्रामीणों के आवेदन के अनुसार राजकीय मध्य विद्यालय पिपरा दो खंडों में संचालित होता है. प्रथम खंड में कक्षा एक से पांच और दूसरे खंड में कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई होती है. प्रथम खंड का भवन जर्जर होकर गिरने के बाद छोटे बच्चों को दूसरे खंड के विद्यालय में भेजा जा रहा है.

Siwan News : करीब दो किलोमीटर दूर भेजे जा रहे छोटे बच्चे

विद्यालय का दूसरा खंड दरौंदा-महाराजगंज मुख्य सड़क पर शिव मंदिर स्थित बीआरसी के समीप है. यह स्थान प्रथम खंड के पुराने भवन से करीब दो किलोमीटर दूर है. ग्रामीणों का कहना है कि छोटे बच्चों के लिए इतनी दूरी तय कर स्कूल जाना आसान नहीं है. सबसे बड़ी चिंता रास्ते में आने वाले हाईवे और रेलवे फाटक को लेकर है.

हाईवे और रेलवे फाटक पार करने की मजबूरी

ग्रामीणों ने आवेदन में बताया है कि कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को दूसरे खंड के विद्यालय तक पहुंचने के लिए एनएच-531 और रेलवे फाटक पार करना पड़ता है. इससे सड़क और रेल दुर्घटना का खतरा बना रहता है. अभिभावक भी अपने छोटे बच्चों को इतनी दूर भेजने को लेकर चिंतित हैं.

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Siwan Government School : पहले पोषक क्षेत्र के बीच था विद्यालय

ग्रामीणों के अनुसार पहले प्रथम खंड का विद्यालय बच्चों के पोषक क्षेत्र के बीचों-बीच स्थित था. इससे आसपास के बच्चे आसानी से स्कूल पहुंचते थे और उन्हें सुरक्षित माहौल में पढ़ाई का अवसर मिलता था. ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय की पुरानी जमीन आज भी खाली पड़ी है.

विद्यालय की जमीन का भी दिया गया विवरण

आवेदन में पुराने विद्यालय की जमीन का विवरण भी दिया गया है. इसके अनुसार विद्यालय की भूमि खाता संख्या-02, सर्वे संख्या-535 और रकबा 0-9-14 धुर है. ग्रामीणों ने इसी पुराने स्थल पर विद्यालय के प्रथम खंड के भवन का पुनर्निर्माण कराने की मांग की है.

मतदान केंद्र भी दूसरे भवन में हुआ स्थानांतरित

ग्रामीणों ने बताया कि प्रथम खंड के विद्यालय भवन में पढ़ाई के अलावा दो मतदान केंद्र भी संचालित होते थे. भवन गिरने के बाद इन मतदान केंद्रों को प्रखंड परिसर स्थित मनरेगा भवन में स्थानांतरित कर दिया गया है. ग्रामीणों के अनुसार मतदान केंद्र दूर होने से स्थानीय मतदाताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

डीएम और शिक्षा विभाग से लगाई गुहार

ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन देकर मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि पुराने स्थल पर नया भवन बनने से बच्चों को हाईवे और रेलवे फाटक पार कर करीब दो किलोमीटर दूर जाने की मजबूरी खत्म होगी.

सुरक्षित माहौल में पढ़ाई की मांग

ग्रामीणों ने कहा कि विद्यालय भवन का पुनर्निर्माण होने से बच्चों की पढ़ाई फिर से सुचारु हो सकेगी. साथ ही अभिभावकों की सुरक्षा संबंधी चिंता भी कम होगी. आवेदन पर ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर शिक्षा विभाग से जल्द पहल करने की मांग की है.

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By रवींद्र गुप्ता

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