रमजान के अंतिम जुमा पर अलविदा की नमाज

मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्र की मस्जिदों में रमजान महीने के अंतिम जुमे पर शिद्दत व अकीदत के साथ अलविदा की नमाज पढ़ी गयी. अकीदतमंदों ने नमाज अदा कर देश व दुनिया में अमन-चैन की दुआ मांगी. अंतिम जुमा का दिन रोजेदारों के लिए खास माना जाता है. इ

प्रतिनिधि, सीवान. मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्र की मस्जिदों में रमजान महीने के अंतिम जुमे पर शिद्दत व अकीदत के साथ अलविदा की नमाज पढ़ी गयी. अकीदतमंदों ने नमाज अदा कर देश व दुनिया में अमन-चैन की दुआ मांगी. अंतिम जुमा का दिन रोजेदारों के लिए खास माना जाता है. इस दिन रोजेदार खुदा से जो भी जायज दुआ मांगते हैं, रोजेदारों को संबोधित करते हुए इमाम ने कहा कि रमजान का आखिरी अशरह भी हम से जुदा होने को है. इस अशरह में शबे कदर की तलाश करना बहुत बड़ी इबादत है. हजार महीनों की इबादत के बराबर है इस एक रात की इबादत. जिला मुख्यालय के बड़ी मस्जिद, दरबार मस्जिद, नया किला मस्जिद, पुराना किला मस्जिद, ग्यारहवीं मस्जिद, रजिस्ट्री कचहरी मस्जिद, नूर अक्सा मस्जिद, शुक्ल टोली मस्जिद, दक्षिण टोला मस्जिद, तेलहट्टा बाजार स्थित मिरचाई शाह की मस्जिद, हाफीजी चौक स्थित करीम शाह की मस्जिद, नवलपुर मस्जिद समेत जिले के तमाम मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रमजान के अलविदा की नमाज अदा की.

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By DEEPAK MISHRA

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