प्रतिनिधि, सीवान/महाराजगंज. महाराजगंज रेलवे स्टेशन पर करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का मामला सामने आया है. इस खुलासे के बाद रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है. स्थानीय ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सीग्रीवाल ने इस प्रकरण को रेलवे के उच्चाधिकारियों के समक्ष उठाया. सांसद की पहल पर गोरखपुर रेल मंडल की एक विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और अनियमितताएं पाए जाने पर निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है. जांच में खुली पोल: मानकों की अनदेखी जानकारी के अनुसार, 22 जनवरी को ग्रामीणों ने स्टेशन परिसर में बन रहे रैक प्वाइंट, नये भवन और ओवरब्रिज निर्माण में भारी लापरवाही की शिकायत की थी. आरोप है कि निर्माण में घटिया गिट्टी, बालू, निम्न स्तर का सरिया और पुरानी ईंटों का उपयोग किया जा रहा था. हैरान करने वाली बात यह भी सामने आई कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर घरेलू गैस सिलिंडर से वेल्डिंग का कार्य कराया जा रहा था. सांसद की कड़ी आपत्ति और डीआरएम का एक्शन सांसद जनार्दन सिंह सीग्रीवाल ने स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और स्थिति देख कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने तत्काल डीआरएम को लिखित शिकायत भेजकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की. शिकायत को संज्ञान में लेते हुए डीआरएम ने एक जांच टीम गठित की. अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण सामग्री को सील कर दिया है और नमूनों को जांच के लिए लैब भेज दिया है. आगामी कार्रवाई रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. दोषी ठेकेदार या संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे. फिलहाल स्टेशन पर निर्माण कार्य पूरी तरह ठप है और स्थानीय नागरिकों की नजरें अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं. पूर्व में भी ””””दिशा”””” की बैठक में सांसद ने इन कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग उठाई थी. बोले सांसद जनता के गाढ़े पसीने की कमाई से होने वाले विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. रेलवे स्टेशनों पर निर्माण की पारदर्शिता और गुणवत्ता अनिवार्य है. जनार्दन सिंह सीग्रीवाल, सांसद
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