सीवान. जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशस्त एप (PRASHAST App) 2.0 पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी (समावेशी शिक्षा) ने सभी शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को 31 जुलाई तक शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है.
यू-डाइस में दर्ज मोबाइल नंबर से होगा पंजीकरण
निर्देश के अनुसार शिक्षकों को यू-डाइस में दर्ज अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से निर्धारित पोर्टल पर प्रशस्त एप 2.0 के लिए पंजीकरण करना होगा. विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी विद्यालय समय सीमा के अंदर शिक्षकों का पंजीकरण पूरा कराएं, ताकि आगे की प्रक्रिया समय पर शुरू की जा सके.
15 अगस्त से शुरू होगी बच्चों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया
पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 अगस्त से 15 सितंबर तक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की स्क्रीनिंग प्रशस्त एप 2.0 के माध्यम से की जाएगी. इस अभियान का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समय पर पहचान करना और उन्हें जरूरी शैक्षणिक एवं समावेशी सहायता उपलब्ध कराना है.
विशेष बच्चों को मिलेगी बेहतर शैक्षणिक सहायता
शिक्षा विभाग का मानना है कि प्रशस्त एप 2.0 के जरिए बच्चों की पहचान प्रक्रिया अधिक प्रभावी और व्यवस्थित होगी. इससे ऐसे विद्यार्थियों को चिन्हित करने में मदद मिलेगी, जिन्हें पढ़ाई के दौरान अतिरिक्त सहयोग और विशेष सुविधाओं की आवश्यकता है.
प्रगति की होगी नियमित समीक्षा
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया है. जिला शिक्षा प्रशासन और विद्यालय प्रबंधन को इस कार्य में सक्रिय सहयोग करने तथा तय समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है.
सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को दी गई जानकारी
जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बीईपी के निर्देश के आलोक में सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है. उन्होंने कहा कि जिले के सभी विद्यालयों में शिक्षकों का पंजीकरण समय पर पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है.
