Siwan News: बड़हरिया. थाना क्षेत्र के बड़हरिया बाजार स्थित थाना चौक पर वाहन जांच के दौरान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 34.575 लीटर विदेशी शराब बरामद की है. पुलिस ने शराब तस्करी के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया.
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान तेतहली निवासी शैलेन्द्र कुमार सिंह और उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के काजीपुर निवासी अमन कुमार के रूप में हुई है.
शक के आधार पर रोकी गई थी बाइक और स्कूटी
पुलिस के अनुसार मंगलवार को बड़हरिया थाना चौक पर वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था. इसी दौरान शक के आधार पर पुलिस ने एक टीवीएस अपाची बाइक, एक स्कूटी और गैस सिलिंडर को रोककर जांच शुरू की.
तलाशी के दौरान दोनों वाहनों से छिपाकर रखी गई विदेशी शराब बरामद हुई.
अपाची बाइक की टंकी और सीट के नीचे छिपाई थी शराब
पुलिस ने बताया कि टीवीएस अपाची बाइक की टंकी, दोनों तरफ के साइडर और सीट के नीचे छिपाकर रखी गयी शराब बरामद की गयी.
इसमें 8 पीएम फ्रूटी पैक 180 एमएल की 66 पीस बरामद हुई, जिसकी कुल मात्रा 11.880 लीटर है.
वहीं 8 पीएम फ्रूटी पैक 130 एमएल की 29 पीस मिली, जिसकी कुल मात्रा 5.220 लीटर है.
अपाची बाइक से कुल 17.100 लीटर विदेशी शराब बरामद की गयी.
स्कूटी और गैस सिलिंडर से भी मिली शराब
पुलिस ने बताया कि टीवीएस जुपिटर स्कूटी की सीट के नीचे तलाशी लेने पर 8 पीएम फ्रूटी पैक 180 एमएल की 20 पीस बरामद हुई, जिसकी कुल मात्रा 3.600 लीटर है.
इसके अलावा स्कूटी पर रखे गैस सिलिंडर को काटकर जांच की गयी, तो उसके अंदर छिपाकर रखी गई शराब मिली.
गैस सिलिंडर से ब्लेंडर्स प्राइड 750 एमएल की छह बोतल (कुल मात्रा 4.500 लीटर), रॉयल स्टैग 375 एमएल की 21 बोतल (कुल मात्रा 7.875 लीटर) और 750 एमएल की दो बोतल (कुल मात्रा 1.500 लीटर) बरामद हुई.
स्कूटी और गैस सिलिंडर से कुल 17.475 लीटर विदेशी शराब बरामद की गयी.
दोनों तस्करों को भेजा गया जेल
पुलिस ने अपाची बाइक, स्कूटी और गैस सिलिंडर से कुल 34.575 लीटर विदेशी शराब बरामद की.
इस मामले में पुलिस ने तेतहली निवासी स्कूटी चालक शैलेन्द्र कुमार सिंह और यूपी के बलिया निवासी अपाची चालक अमन कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की.
पूछताछ के बाद दोनों शराब तस्करों को बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है.
Also Read : बेगूसराय: बाढ़ से डूबा खेतों का रास्ता, दलित परिवारों ने प्रशासन से की नाव की मांग
