Siwan News : शहर में बिहार बंद के दौरान शनिवार को हुई हिंसा, पथराव और पुलिस पर हमले के मामले में दूसरे दिन भी पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रही. सोमवार को गिरफ्तार 25 प्रदर्शनकारियों को न्यायिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद जेल भेज दिया गया. इससे पहले रविवार को 102 प्रदर्शनकारियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.
फरार आरोपितों की तलाश में एसआईटी और एसटीएफ की संयुक्त छापेमारी
फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए रविवार देर शाम से सोमवार सुबह तक स्थानीय पुलिस, विशेष जांच दल (एसआईटी) और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न इलाकों में सघन छापेमारी अभियान चलाया. नगर थाना, मुफस्सिल, सराय, महादेवा, हुसैनगंज, जीरादेई समेत कई क्षेत्रों में एक साथ दबिश दी गई. कई घरों की तलाशी ली गई और आरोपितों के परिजनों से पूछताछ की गई. हालांकि अधिकांश नामजद और चिन्हित आरोपित पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो चुके थे.
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हो रही पहचान
पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरों की रिकॉर्डिंग, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है. अधिकारियों के अनुसार कई संदिग्धों की पहचान हो चुकी है. फरार आरोपितों की लोकेशन का पता लगाने के लिए तकनीकी निगरानी भी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
मेडिकल जांच के बाद न्यायालय में पेश कर भेजा गया जेल
सोमवार को गिरफ्तार 25 प्रदर्शनकारियों को कड़ी सुरक्षा के बीच पहले सदर अस्पताल लाया गया, जहां उनकी मेडिकल जांच कराई गई. इसके बाद सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. इस दौरान सदर अस्पताल और न्यायालय परिसर में दंगा नियंत्रण बल, सशस्त्र पुलिस और अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई थी.
संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई सुरक्षा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हिंसा, पथराव, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में सभी आरोपितों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है. जिन लोगों के जिला छोड़कर भागने की आशंका है, उनकी तलाश के लिए पड़ोसी जिलों की पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया गया है. शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती जारी है और लगातार गश्त की जा रही है.
कोर्ट परिसर में दिनभर जुटे रहे परिजन
गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को न्यायालय में पेश किए जाने के दौरान सोमवार को कोर्ट परिसर में उनके परिजनों की भारी भीड़ उमड़ी रही. सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और अन्य परिजन न्यायालय पहुंचकर न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी लेते रहे. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए न्यायालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर कड़ी निगरानी रखी गई और केवल अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मियों तथा अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई.
आरोपितों की एक झलक पाने को बेकरार रहे परिजन
न्यायालय परिसर में कई परिजन भावुक नजर आए. पुलिस जब कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपितों को लेकर पहुंची तो परिजन उनकी एक झलक पाने के लिए व्याकुल दिखे. कई महिलाएं और बुजुर्ग रोते-बिलखते रहे तथा अपने परिजनों का नाम लेकर आवाज लगाते रहे. हालांकि सुरक्षा कारणों से पुलिस ने किसी को भी आरोपितों से मिलने की अनुमति नहीं दी. न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी आरोपितों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया.
