108 समितियों की जांच के आदेश

जिले में सीएमआर (चावल) आपूर्ति प्रक्रिया के दौरान गंभीर गड़बड़ी सामने आयी है. बिहार राज्य खाद्य निगम को चावल उपलब्ध कराने के बाद भी जिले की 108 समितियों ने संबंधित राइस मिलों को धान ट्रांसफर नहीं किया है. इसे गंभीरता से लेते हुए जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार ने सभी प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को जांच का आदेश दिया है.

प्रतिनिधि, सीवान. जिले में सीएमआर (चावल) आपूर्ति प्रक्रिया के दौरान गंभीर गड़बड़ी सामने आयी है. बिहार राज्य खाद्य निगम को चावल उपलब्ध कराने के बाद भी जिले की 108 समितियों ने संबंधित राइस मिलों को धान ट्रांसफर नहीं किया है. इसे गंभीरता से लेते हुए जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार ने सभी प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को जांच का आदेश दिया है. उन्होंने निर्देश दिया है कि संबंधित सभी समितियों के गोदामों का भौतिक सत्यापन कर यह सुनिश्चित किया जाये कि धान वास्तव में गोदाम में मौजूद है या नहीं. यदि जांच के दौरान धान नहीं पाया गया तो संबंधित समितियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की जायेगी. डीसीओ ने बताया कि समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि 108 में से 65 समितियों ने दस दिनों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद धान नहीं उपलब्ध कराया है.जबकि उनका चावल पहले ही राज्य खाद्य निगम को भेजा जा चुका है. इसके अलावा 22 समितियां ऐसी पाई गई हैं जिन्होंने छह से दस दिन के भीतर भी धान नहीं दिया है.वहीं 21 समितियों ने पांच दिन बीत जाने के बाद भी धान ट्रांसफर नहीं किया है. इस स्थिति को देखते हुए साफ कहा गया है कि इस तरह की लापरवाही आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करती है. जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.जिला सहकारिता पदाधिकारी ने सभी बीसीओ से यह भी कहा है कि मिल संचालकों को समय पर धान उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए ताकि चावल बिहार राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की परेशानी न हो. उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यदि कोई समिति चावल देने के बाद भी जानबूझकर धान रोके हुए है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. 43 पैक्स ने चावल मीलिंग में बरती लापरवाही, तीन से नौ लॉट तक चावल फंसा जिले के 43 पैक्स ऐसे हैं जिन्होंने किसानों से धान की खरीद तो की लेकिन उसे समय पर राइस मिल में नहीं भेजा. इसके कारण तीन से नौ लॉट के बीच चावल फंसा हुआ है और अब तक सीएमआर आपूर्ति में उल्लेखनीय प्रगति नहीं हो सकी है.जिला सहकारिता विभाग की ओर से कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद संबंधित पैक्स अध्यक्ष, प्रबंधक और कार्यकारी सदस्य मीलिंग प्रक्रिया में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं. इसके चलते चावल की आपूर्ति की रफ्तार धीमी बनी हुई है और राज्य खाद्य निगम को समय पर चावल नहीं मिल पा रहा है.चिह्नित पैक्स में बड़हरिया के औराई, जीरादेई के नरेंद्रपुर, मझवलिया, चंदौली, बसंतपुर के बसंतपुर, कन्हौली, गोरेयाकोठी के कर्णपुरा, सानी बसंतपुर, रघुनाथपुर के रघुनाथपुर, गभीरार, कड़सर, बडुआ, आंदर के जयजोर, भावराजपुर, सिसवन व्यापार मंडल, भगवानपुर हाट के सराय पडौली, गोपालपुर, दरौली के बेलाव, दोन बुजुर्ग, कृष्णपाली, दरौली व्यापार मंडल, गुठनी के बलुआ, हसनपुरा के लहेजी, महाराजगंज नगर पंचायत, पचरुखी के पचरुखी और रघुनाथपुर व्यापार मंडल शामिल हैं.जिला प्रशासन ने ऐसे सभी पैक्स को चेतावनी दी है कि यदि तय सीमा तक मीलिंग नहीं कराई गई, तो उन पर कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी. साथ ही संबंधित मीलरों की जवाबदेही भी तय की जाएगी. कोल्हुआ राइस मिल का निरीक्षण दरौंदा प्रखंड के कोल्हुआ स्थित कोल्हुआ इंडस्ट्रीज राइस मिल का बुधवार को कोऑपरेटिव बैंक के प्रशासी पदाधिकारी आलोक कुमार वर्मा ने निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने मिल संचालकों को निर्देश दिया कि धान की मीलिंग में तेजी लाते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप चावल राज्य खाद्य निगम को शीघ्र उपलब्ध कराया जाए.इसी क्रम में सिसवन प्रखंड के विभिन्न पैक्स अध्यक्षों के साथ बैठक की गई.जिसमें सीएमआर आपूर्ति में आ रही बाधाओं पर चर्चा हुई और उन्हें समयबद्ध मीलिंग सुनिश्चित करने को कहा गया.मौके पर ऋण पदाधिकारी पंकज चौधरी, बीसीओ अभय आनंद, राम नारायण साह, दिग्विजय प्रताप, बिपिन मिश्रा, मयंक शर्मा और राजन सिंह भी उपस्थित थे. रविवार को भी होगा सीएमआर जमा, होगी विशेष जांच बिहार स्टेट फूड एंड सिविल सप्लाईज़ कॉरपोरेशन लिमिटेड ने चावल की आपूर्ति की अंतिम तिथि 10 अगस्त तक बढ़ा दी है. बिहार राज्य खाद्य निगम द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि विस्तारित अवधि के दौरान राइस मिलों से प्राप्त होने वाले चावल की विशेष जांच जिला प्रशासन, राज्य खाद्य निगम और सहकारिता विभाग के स्तर से की जायेगी. इसलिए सभी संग्रहण केंद्रों को सप्ताह के सातों दिन यहां तक कि रविवार को भी खुले रखने का निर्देश दिया गया है ताकि चावल संग्रहण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए. मुख्य महाप्रबंधक (अधिप्राप्ति) ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की है कि इस अवधि में सीएमआर संग्रहण का कार्य पूरी तत्परता और पारदर्शिता के साथ किया जाये.

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Author: DEEPAK MISHRA

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