सीवान: गोरेयाकोठी थाना क्षेत्र के लधी सरारी गांव में चार दिन की नवजात बच्ची की मौत का मामला सामने आया है. घटना के बाद पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है.
मृत बच्ची सुभाष कुमार मांझी की पुत्री थी. बच्ची की मां ने गोरेयाकोठी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि बुधवार की रात करीब 10 बजे पट्टीदारों के साथ हुए विवाद और धक्का-मुक्की के दौरान नवजात उसके हाथ से गिर गयी, जिससे उसकी मौत हो गयी.
मां ने घटना के लिए पट्टीदारों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
इलाज में लापरवाही और पारिवारिक विवाद की भी जांच
पुलिस इस मामले में केवल लगाए गए आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
जांच के दौरान यह बात सामने आयी है कि जन्म के बाद नवजात की तबीयत खराब हुई थी. स्थानीय चिकित्सक ने उसे बाल रोग विशेषज्ञ से दिखाने की सलाह दी थी, लेकिन परिजन बच्ची को अस्पताल ले जाने के बजाय वापस घर लेकर चले गये.
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं बरती गयी.
तीन बेटियां होने के कारण भेदभाव के पहलू पर भी नजर
मामले में पुलिस परिवार की सामाजिक स्थिति और अन्य परिस्थितियों की भी जांच कर रही है.
पुलिस के अनुसार, परिवार में पहले से तीन बेटियां थीं और चौथी बेटी के जन्म के बाद किसी तरह की उपेक्षा या भेदभाव हुआ था या नहीं, इस पहलू को भी जांच में शामिल किया गया है.
मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम
मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर अस्पताल में तीन डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड ने नवजात का पोस्टमार्टम किया है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट को जांच में अहम माना जा रहा है. रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस ने कहा- सभी बिंदुओं पर हो रही जांच
गोरेयाकोठी थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि पीड़ित मां के बयान पर पट्टीदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है.
उन्होंने कहा कि पारिवारिक विवाद, इलाज में कथित लापरवाही और अन्य सामाजिक पहलुओं समेत सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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