Siwan Seized Vehicles : सीवान जिले के नौतन थाना परिसर की तस्वीर इन दिनों एक अस्थायी वाहन यार्ड जैसी दिखाई देती है. शराब तस्करी के मामलों में जप्त की गई सैकड़ों बाइक और दर्जनों चारपहिया वाहन वर्षों से खुले आसमान के नीचे खड़े हैं. लगातार बारिश, तेज धूप और रखरखाव के अभाव में ये वाहन धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील होते जा रहे हैं.
जगह की कमी से एक-दूसरे के ऊपर खड़े किए गए वाहन
थाना परिसर में जगह की कमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई स्थानों पर एक बाइक के ऊपर दूसरी बाइक और एक वाहन के ऊपर दूसरा वाहन खड़ा किया गया है. कई जप्त वाहनों के आसपास घास-फूस उग आई है. लंबे समय तक खुले में रहने के कारण टायर, सीट, बॉडी और अन्य महत्वपूर्ण पार्ट-पुर्जे भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं.
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स्थानीय लोगों ने समय पर नीलामी की उठाई मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि जितनी संख्या में जप्त वाहनों की नीलामी होती है, उससे कहीं अधिक वाहन शराब तस्करी के मामलों में लगातार थाना पहुंच रहे हैं. ऐसे में हर साल जप्त वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है. लोगों का मानना है कि यदि समय पर नीलामी कराई जाए तो थाना परिसर में जगह की समस्या दूर होगी और सरकार को राजस्व भी प्राप्त होगा.
थानाध्यक्ष ने बताई स्थिति की वजह
थानाध्यक्ष जित मोहन कुमार ने बताया कि मॉडल थाना भवन बनने से पहले अधिकांश जप्त वाहन पुराने थाना भवन के आसपास रखे गए थे. बाद में उन्हें वर्तमान थाना परिसर में स्थानांतरित किया गया. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक खुले में रहने के कारण अधिकांश वाहन जर्जर हो चुके हैं.
विभागीय प्रक्रिया से होती है नीलामी
थानाध्यक्ष के अनुसार विभागीय प्रक्रिया के तहत समय-समय पर जप्त वाहनों की नीलामी कराई जाती है. हालांकि शराब तस्करी के मामलों में लगातार नए वाहन भी जब्त होकर थाना पहुंचते रहते हैं. इसी कारण थाना परिसर में जप्त वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है और जगह की समस्या बनी हुई है.
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