siwan news. कागजात के हस्तांतरण में गड़बड़ी रोकने के लिए बढ़ायी गयी 59 पैैक्सों की निगरानी

विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन पैक्स और व्यापार मंडलों का निर्वाचन जून 2026 तक देय है और जो वर्तमान में धान एवं चावल अधिप्राप्ति कार्य में लगे हुए हैं, उन पर विशेष नजर रखी जाएगी

सीवान . खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत जिले में चल रहे धान अधिप्राप्ति अभियान को लेकर सहकारिता विभाग ने निगरानी और सख्ती दोनों बढ़ा दी है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन पैक्स और व्यापार मंडलों का निर्वाचन जून 2026 तक देय है और जो वर्तमान में धान एवं चावल अधिप्राप्ति कार्य में लगे हुए हैं, उन पर विशेष नजर रखी जाएगी. ऐसे कुल 59 पैक्स को चिह्नित किया गया है, जहां आगामी महीनों में चुनाव संपन्न होने हैं.

सहकारिता विभाग के अनुसार 1 नवंबर 2025 से पैक्स और व्यापार मंडलों के माध्यम से किसानों से धान की खरीद की जा रही है और पूरे अभियान की लगातार समीक्षा की जा रही है. समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई है कि कई ऐसी समितियां हैं, जिनका चुनाव निकट भविष्य में प्रस्तावित है और चुनाव के बाद उनकी प्रबंधकारिणी में बदलाव संभव है. ऐसी स्थिति में धान के स्टॉक, चावल की आपूर्ति और अभिलेखों के हस्तांतरण में गड़बड़ी की आशंका बनी रहती है.

जितनी खरीदी गयी, उतना ही स्टॉक गोदाम में रखने का निर्देश

इसी को देखते हुए विभाग ने इन समितियों के लिए विशेष सतर्कता के साथ रोजाना अनुश्रवण करने का निर्देश दिया है. सहकारिता विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित प्रखंड के सहकारिता प्रसार पदाधिकारी की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वे प्रतिदिन यह सुनिश्चित करें कि समितियों द्वारा जितना धान खरीदा गया है, उतना ही स्टॉक गोदाम में मौजूद हो और उसके अनुरूप समतुल्य चावल की नियमित आपूर्ति राज्य खाद्य निगम को की जा रही हो.

साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्वाचन के बाद यदि समिति के प्रबंधन में बदलाव होता है तो धान, चावल, अभिलेख तथा सभी प्रकार के प्रभार का तत्काल, पारदर्शी और विधिवत हस्तांतरण किया जाए. निबंधक सहयोग समितियां रजनीश कुमार सिंह ने कहा कि धान अधिप्राप्ति किसानों के हित से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

उन्होंने कहा कि जिन समितियों का चुनाव प्रस्तावित है, वहां अतिरिक्त सतर्कता आवश्यक है और यदि कहीं भी स्टॉक मिलान, चावल आपूर्ति या प्रभार हस्तांतरण में गड़बड़ी पाई गई तो सीधे जिम्मेदार पदाधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने सभी जिला सहकारिता पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिले में ऐसी सभी समितियों की पहचान कर उनकी निगरानी व्यवस्था मजबूत करें और यह सुनिश्चित करें कि धान अधिप्राप्ति से लेकर चावल आपूर्ति तक पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध बनी रहे. सहकारिता विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा.

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By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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