Collective Hunger Strike: मैरवा प्रखंड परिसर में अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के बैनर तले 12 सूत्री मांगों को लेकर भाकपा माले नेताओं ने दो दिवसीय सामूहिक अनशन शुरू किया. अनशन के माध्यम से ग्रामीण गरीबों, मजदूरों, किसानों और आम लोगों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया गया.
पांच नेता दो दिनों तक रहेंगे अनशन पर
सामूहिक अनशन में भाकपा माले के पांच नेता अजय चौहान, बृजेश राम, तेजबहादुर कुशवाहा, गीता देवी और शारदा देवी दो दिनों तक भूख हड़ताल पर रहेंगे. जीरादेई के पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा ने अनशनकारियों को फूल माला पहनाकर उनका उत्साह बढ़ाया.
ग्रामीण क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स पर रोक की मांग
अनशनकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स लगाने पर रोक लगाने, पानी एवं सफाई टैक्स की वसूली बंद करने और गरीबों के राशन कार्ड से नाम काटने पर रोक लगाने की मांग की. इसके अलावा सभी ग्रामीण गरीबों को छह हजार रुपये मासिक पेंशन देने की मांग भी उठायी गयी.
मुफ्त बिजली और कर्ज माफी की मांग
भाकपा माले नेताओं ने गरीबों के बकाया बिजली बिल माफ करने तथा 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग की. साथ ही प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने की भी मांग की गयी.
भूमिहीनों को जमीन और आवास देने की मांग
अनशनकारियों ने भूमिहीन परिवारों को पांच डिसमिल जमीन और आवास की गारंटी देने, गरीब महिलाओं एवं किसानों का दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने की मांग रखी. गरीबों को राशन कार्ड में शामिल कर प्रति यूनिट 15 किलो राशन देने तथा स्नातक तक निशुल्क शिक्षा की गारंटी देने की मांग भी की गयी.
आंदोलनकारियों ने गांवों के अंतिम छोर तक नहरों में पानी पहुंचाने और नहरों की सफाई कराने, प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा, सम्मान एवं रोजगार की गारंटी के लिए कानून बनाने की मांग भी की. वहीं बिहार बंद के दौरान छात्रों पर गोली चलाने के मामले में सीवान के एसपी को बर्खास्त करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है. अनशन स्थल पर पहुंचे जीरादेई विधायक अमरजीत कुशवाहा ने सभा को संबोधित करते हुए आंदोलनकारियों की मांगों का समर्थन किया है. खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा की 12 सूत्री मांगें गरीबों, मजदूरों और किसानों के हक से जुड़ी हुई हैं.
सरकार को इन मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द सकारात्मक पहल करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि गरीबों पर अनावश्यक टैक्स का बोझ डालना, राशन में कटौती और बिजली से जुड़ी समस्याएं गंभीर मुद्दे हैं.
भूमिहीनों को जमीन, गरीबों को आवास, पेंशन और किसानों-मजदूरों को राहत देने की दिशा में सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए. उन्होंने कहा कि भाकपा माले हमेशा गरीब, मजदूर और किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी उनके हक के लिए संघर्ष जारी रहेगा. सरकार अगर इन मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं करती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.
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