Maharajganj Dialysis Center : महाराजगंज अनुमंडलीय अस्पताल में अत्याधुनिक डायलिसिस सेंटर पूरी तरह तैयार हो चुका है. सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर संचालित होने वाले इस सेंटर में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद किडनी मरीजों के लिए डायलिसिस सेवा शुरू कर दी जाएगी.
अब घर के पास मिलेगा डायलिसिस का इलाज
अब तक डायलिसिस के लिए मरीजों को सदर अस्पताल या दूसरे जिलों में जाना पड़ता था. इससे समय और धन दोनों की अधिक खपत होती थी. नए सेंटर के शुरू होने के बाद अनुमंडल और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को अपने घर के नजदीक ही बेहतर और समयबद्ध उपचार मिल सकेगा.
तीन मशीनों और तीन बेड से होगी शुरुआत
डायलिसिस सेंटर के प्रबंधक राहुल मिश्रा ने बताया कि शुरुआती चरण में तीन डायलिसिस मशीनें और तीन बेड लगाए गए हैं. भविष्य में मरीजों की संख्या बढ़ने पर मशीनों और बेड की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को सुविधा मिल सके.
सदर अस्पताल का भी कम होगा दबाव
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अनुमंडल स्तर पर डायलिसिस सेवा शुरू होने से सदर अस्पताल के डायलिसिस यूनिट पर मरीजों का दबाव कम होगा. साथ ही नियमित डायलिसिस समय पर होने से किडनी मरीजों के स्वास्थ्य में भी सकारात्मक सुधार की संभावना बढ़ेगी.
उपाधीक्षक ने बताई योजना की अहमियत
महाराजगंज अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. सुमित कुमार ने बताया कि डायलिसिस सेंटर शुरू होने से हजारों किडनी मरीजों को अपने घर के समीप गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधा मिलेगी. उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और इससे मरीजों का समय, धन और अनावश्यक परेशानी तीनों कम होंगे.
