Siwan Paperless Registry : सीवान जिले में जमीन, फ्लैट और मकान की खरीद-बिक्री से जुड़ी रजिस्ट्री प्रक्रिया अब डिजिटल होने जा रही है. 17 अगस्त से जिला अवर निबंधन कार्यालय सीवान सदर समेत पांच निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री की व्यवस्था लागू होगी. नई व्यवस्था में दस्तावेज तैयार करने से लेकर स्टांप शुल्क भुगतान, बायोमेट्रिक सत्यापन और डिजिटल हस्ताक्षर तक की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जाएगी.
सीवान सदर समेत इन पांच कार्यालयों में लागू होगी व्यवस्था
जिला अवर निबंधक गोपेश कुमार चौधरी के अनुसार, 17 अगस्त से सीवान सदर के अलावा बसंतपुर, रघुनाथपुर, बड़हरिया और महाराजगंज अवर निबंधन कार्यालय में पेपरलेस रजिस्ट्री शुरू होगी. नई व्यवस्था को लेकर विभागीय दिशा-निर्देश के अनुसार तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
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कर्मचारियों को दिया गया डिजिटल प्रक्रिया का प्रशिक्षण
नई व्यवस्था के संचालन के लिए निबंधन कार्यालय के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है. प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल सत्यापन, डाटा एंट्री और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई. विभाग का प्रयास है कि पेपरलेस व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को रजिस्ट्री कराने में किसी तरह की परेशानी न हो.
दरौली में पहले से चल रही पेपरलेस रजिस्ट्री
जिले के दरौली अवर निबंधन कार्यालय में 3 अगस्त से ही पेपरलेस रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. यहां जमीन और अन्य अचल संपत्तियों के निबंधन का काम डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है. दरौली के बाद अब जिले के पांच अन्य निबंधन कार्यालयों में भी नई व्यवस्था लागू की जा रही है.
आधार से होगी पक्षकारों की पहचान
पेपरलेस रजिस्ट्री में जमीन या मकान की खरीद-बिक्री करने वाले पक्षकारों की पहचान आधार सत्यापन के जरिए की जाएगी. इसके साथ ही बायोमेट्रिक सत्यापन भी होगा. इससे पक्षकार की पहचान सुनिश्चित करने और फर्जीवाड़े की आशंका कम करने में मदद मिलेगी.
दस्तावेज लेखक और मुद्रांक विक्रेता बनेंगे सेवा प्रदाता
नई डिजिटल व्यवस्था में दस्तावेज लेखक और मुद्रांक विक्रेताओं की भूमिका भी बनी रहेगी. वर्तमान दस्तावेज लेखक और मुद्रांक विक्रेताओं को सेवा प्रदाता के रूप में अनुज्ञप्ति दी गई है. विभाग की ओर से करीब 200 सेवा प्रदाताओं को अनुज्ञप्ति दिए जाने की जानकारी दी गई है.
डिजिटल प्रक्रिया में लोगों को मिलेगी मदद
कई लोगों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्री की तकनीकी प्रक्रिया नई होगी. ऐसे में सेवा प्रदाता दस्तावेज तैयार कराने, जरूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने और निबंधन प्रक्रिया पूरी कराने में मदद करेंगे. इससे लोगों को डिजिटल व्यवस्था समझने और उसका सही तरीके से इस्तेमाल करने में सहूलियत होगी.
दस्तावेज से स्टांप शुल्क भुगतान तक सब ऑनलाइन
पेपरलेस रजिस्ट्री में दस्तावेज तैयार करने से लेकर आवेदन, स्टांप शुल्क भुगतान, बायोमेट्रिक सत्यापन और डिजिटल हस्ताक्षर तक की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. इससे लोगों को बड़ी मात्रा में कागजी दस्तावेज लेकर निबंधन कार्यालय पहुंचने की जरूरत कम होगी. दस्तावेजों के रखरखाव की परेशानी भी घटेगी.
व्हाट्सऐप या ईमेल पर मिलेगी डिजिटल डीड
रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डिजिटल डीड संबंधित पक्षकारों को व्हाट्सऐप या ईमेल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी. इससे लोगों को रजिस्ट्री के दस्तावेज डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने की सुविधा मिलेगी. जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल भी डिजिटल माध्यम से किया जा सकेगा.
समय की बचत और पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास
जिला अवर निबंधक ने बताया कि पेपरलेस निबंधन व्यवस्था का उद्देश्य प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना है. डिजिटल प्रक्रिया से समय की बचत होगी और निबंधन कार्यालयों में कामकाज को सुगम बनाने में मदद मिलेगी.
डिजिटल रिकॉर्ड से दस्तावेज संभालना होगा आसान
पेपरलेस व्यवस्था से निबंधन कार्यालयों में कागजी रिकॉर्ड रखने का दबाव भी कम होगा. डिजिटल रिकॉर्ड के सुरक्षित रहने से भविष्य में दस्तावेजों के सत्यापन और रखरखाव में सुविधा मिलने की उम्मीद है. विभाग की ओर से नई व्यवस्था को लेकर तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां पूरी करने का दावा किया गया है.
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