Bhagwanpur Hat Rain : सावन की पहली सोमवारी पर भगवानपुर हाट प्रखंड क्षेत्र में सुबह से ही काले बादल छाए रहे और तेज गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हुई. बारिश पूरे दिन रुक-रुक कर होती रही. लगातार वर्षा के कारण सड़कें, गलियां और खेत पानी से भर गए. कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई, जिससे ग्रामीणों की परेशानी भी बढ़ गई.
किसानों को मिली राहत, लेकिन बढ़ी नई चिंता
बारिश ने ऊंची जमीन पर लगी धान की फसल के लिए राहत पहुंचाई है. किसानों का कहना है कि इस वर्षा से धान की बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है. हालांकि निचले क्षेत्रों में लगी धान की फसल पानी में डूबने लगी है, जिससे फसल खराब होने की आशंका बढ़ गई है. लगातार जलभराव से मक्का की फसल पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है.
कई वर्षों बाद देखने को मिली ऐसी लगातार बारिश
स्थानीय किसान मनोज कुमार उर्फ मंटू और विष्णुदेव राय ने बताया कि सुबह से लगातार इस तरह की बारिश कई वर्षों बाद देखने को मिली है. उनका कहना है कि यदि एक-दो दिन और इसी तरह वर्षा जारी रही तो निचले इलाकों में धान और मक्का की फसल को भारी नुकसान हो सकता है. लंबे समय तक खेतों में पानी जमा रहने से फसल सड़ने का खतरा भी बढ़ जाता है.
सब्जी की खेती प्रभावित, बाजार में बढ़ने लगे दाम
लगातार बारिश का असर सब्जी उत्पादन पर भी दिखाई देने लगा है. खेतों में पानी भरने से हरी सब्जियों की फसल प्रभावित हो रही है. इसका असर स्थानीय बाजार में भी दिखने लगा है, जहां कई प्रकार की सब्जियों के दाम बढ़ने लगे हैं. इससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना बढ़ गई है.
मौसम के अगले रुख पर टिकी किसानों की उम्मीद
किसानों का कहना है कि धान की रोपाई के लिए यह बारिश जरूरी थी, लेकिन यदि बारिश का सिलसिला लंबे समय तक जारी रहा तो खरीफ फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. फिलहाल किसान मौसम के अगले रुख पर नजर बनाए हुए हैं. बारिश ने जहां मौसम को सुहावना बनाया है, वहीं जलजमाव और संभावित फसल नुकसान को लेकर ग्रामीणों और किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है.
Also Read : पहली सोमवारी पर शिवभक्ति में डूबा सीवान का पंचमुखी शिव मंदिर, सुबह 3 बजे से भक्तों की लगी है कतार
