Siwan News : जिले के सरकारी विद्यालयों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं और जरूरी अवसंरचनात्मक कार्यों का अब विस्तृत आकलन किया जाएगा. इसके लिए विद्यालयवार जानकारी जुटाने का निर्देश जारी किया गया है. अपर राज्य परियोजना निदेशक (शैक्षणिक) राज कुमार ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान) को इस संबंध में निर्देश दिया है.
दो दिन में गूगल शीट पर दर्ज करनी होगी जानकारी
निर्देश के बाद जिला शिक्षा प्राधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है. संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध करायी गयी गूगल शीट में विद्यालयों से जुड़ी वांछित जानकारी दर्ज करनी होगी. इसके बाद सत्यापित प्रति दो दिनों के अंदर जिला कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी. विभाग ने इसे अत्यावश्यक कार्य बताते हुए निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.
रंग-रोगन से लेकर शौचालय तक की होगी जांच
विद्यालयों की वास्तविक आधारभूत स्थिति जानने के लिए तैयार प्रपत्र में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है. इसमें स्कूल भवन के रंग-रोगन की जरूरत, विद्यालय का नाम प्रमुखता से लिखा है या नहीं, पेयजल की उपलब्धता, बालक और बालिका शौचालय की स्थिति, टाइल्स, रनिंग वाटर और चहारदीवारी की स्थिति की जानकारी ली जाएगी.
बिजली, पंखे और वायरिंग की भी होगी पड़ताल
जांच के दौरान विद्यालयों में बिजली कनेक्शन और प्रत्येक कक्षा में वायरिंग की स्थिति का भी ब्योरा लिया जाएगा. इसके साथ ही कक्षाओं में बल्ब और पंखों की उपलब्धता, छत की मरम्मती के लिए आवश्यक क्षेत्रफल, खिड़की और दरवाजों की मरम्मती की जरूरत का आकलन किया जाएगा. किचन और शेड की स्थिति के साथ माध्यमिक विद्यालयों में साइकिल शेड की आवश्यकता की जानकारी भी जुटायी जाएगी.
जल निकासी और जर्जर भवन की भी होगी जानकारी
प्रपत्र में विद्यालय परिसर से जल निकासी की व्यवस्था, घोषित जर्जर भवन और उससे संबंधित कक्षों की संख्या की जानकारी भी मांगी गयी है. इसके अलावा अनुपयोगी सामग्री के निस्तारण और विद्यालय की भूमि पर अतिक्रमण से जुड़ी स्थिति का भी ब्योरा देना होगा.
वास्तविक जरूरत के आधार पर बनेगी कार्ययोजना
विभाग के इस अभियान का उद्देश्य जिले के सरकारी विद्यालयों की वास्तविक अवसंरचनात्मक जरूरतों को चिन्हित करना है. विद्यालयवार आंकड़े मिलने के बाद आवश्यक मरम्मती, निर्माण और अन्य सुविधाओं से जुड़े कार्यों की प्राथमिकता तय कर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी.
