बारिश की आशंका से किसान चिंतित

मौसम में बुधवार को हुए परिवर्तन ने किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खिंच दी है. जिले में बुधवार को अधिकतम तापमान 34 व न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस मापा गया. दिन में पछुआ हवा 13 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली. सुबह से ही आकाश में बादल देख किसान चिंतित दिखे.

प्रतिनिधि, सीवान. मौसम में बुधवार को हुए परिवर्तन ने किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खिंच दी है. जिले में बुधवार को अधिकतम तापमान 34 व न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस मापा गया. दिन में पछुआ हवा 13 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली. सुबह से ही आकाश में बादल देख किसान चिंतित दिखे. आकाश में बादल घिरने से और हवा का रफ्तार कम होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है. किसानों ने बताया कि अप्रैल का महीना उनके लिए अहम होता है. इस महीने खेतों में सारी फसल तैयार हो जाती है. अगर बारिश हुई तो फसल बर्बाद हो जायेगी. खासकर गेहूं उत्पादक डरे हुए हैं . पश्चिमी विक्षोप के सक्रिय होने से बदला है मौसम बुधवार को मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है.बादलों को देखकर बारिश की संभावना व्यक्त की जा रही है.बारिश की इस आशंका से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें तन गई है. क्योंकि अभी अधिकांश किसानों की गेहूं की फसल खेतों में लगी हुई है. किसानों का कहना है कि इस मौसम ओले पड़ने की संभावना रहती है. यदि ऐसा हुआ तो उन्हें भारी नुकसान होगा. आसमान में घिरे बादलों को देखकर किसान तेजी से कटाई पूरा कर कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने के काम में जुट गए है. मौसम के जानकार डॉ. मनोज कुमार गिरी ने बताया कि पश्चिमी विक्षोप के सक्रिय होने के चलते मौसम में परिवर्तन हुआ है.फिलहाल जिले में बारिश की संभावना नही है. दलहन और सब्जियों के लिए भी बारिश हानिकारक किसानों का कहना है कि चैत और बैशाख बरसे तो घर की भी पूंजी भी डूब जाती है. इस महीने बारिश होने से खेतों में लगी फसल पूरी की पूरी तरह चौपट हो जाएगी. किसान सुरेश भारती, रमाकांत यादव, राजकुमार पासी ने बताया कि अभी खेतों में गेहूं की फसल की कटनी चल रही है. अधिकांश बड़े किसान तो अपनी गेहूं की फसल की कटनी और दौनी कर लिए है.वही लघु व सीमांत किसान की फसल खेत और खलिहान में ही है. वहीं दलहन की फसल भी खलिहान में ही है. इस समय पानी के साथ ओले गिरने की संभावना होती है. जिससे सब्जी की फसल प्रभावित हो सकती है. अगर इस समय बारिश हुई तो सारी फसल चौपट हो जायेगी. सब्जी की फसल के लिए भी बारिश ठीक नही है. यहां तक मवेशियों के लिए चारे भी नहीं बचेंगे.

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By Deepak mishra

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