siwan news : महाराजगंज. महाराजगंज नगर पंचायत प्रशासन द्वारा नपं के विभिन्न वार्डों एवं धार्मिक स्थलों तथा सरकारी भूमि पर एक करोड़ 71 लाख 76 हजार की लागत से 15 प्याऊ के निर्माण कार्यों में अनियमितता एवं सरकारी राशि के बंदरबाट, लूटखसोट तथा गबन के मामले पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने एक तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन कर संयुक्त जांच प्रतिवेदन यथाशीघ्र समर्पित करने का निर्देश दिया है.
जांच टीम में अपर समाहर्ता (लोक शिकायत) सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी जिला विकास शाखा एवं कार्यपालक अभियंता लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण संगठन को टीम में शामिल किया है. इस संबंध में जिलाधिकारी कार्यालय से निर्गत आदेश पर जिला विकास शाखा के प्रभारी पदाधिकारी ने पत्र जारी किया है. पत्र के अनुसार इस जांच टीम के अध्यक्ष अपर समाहर्ता (लोक शिकायत) सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को बनाया गया है. जबकि, दो अन्य पदाधिकारी को इस जांच टीम का सदस्य बनाया गया है.उप मुख्य पार्षद ने डीएम से की थी शिकायत
महाराजगंज नगर पंचायत की उपमुख्य पार्षद गुड़िया कुमारी ने आठ अगस्त, 2025 को जिला पदाधिकारी को पत्र भेजकर नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में तथा धार्मिक स्थलों एवं सरकारी भूमि पर विभिन्न विभागों से बीना एनओसी लिये तथा एक करोड़ 71 लाख 76 हजार की लागत से 15 प्याऊ के निर्माण कार्यों में अनियमितता एवं सरकारी राशि की बंदरबाट, लूटखसोट तथा गबन के मामले जांच की मांग की थी. इधर, उप मुख्य पार्षद गुड़िया कुमारी ने अपने दिये आवेदन में कहा है कि नगर पंचायत महाराजगंज का गठन नगर पंचायत क्षेत्र को सुचारू रूप से एक भ्रष्टाचार रहित व्यवस्था से विकास के लिए किया गया था, जबकि कार्यपालक पदाधिकारी हरिश्चंद्र एवं अध्यक्ष सुनियोजित षड्यंत्र रचकर नगर पंचायत के कोष का अवैधानिक तरीके से दुरुपयोग करना चाहते हैं. नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा दिशा-निर्देश के आलोक में वस्तुओं का क्रय नगर निकायों द्वारा गेम पोर्टल बोरिस 2.0 पर निविदा किया जाना है. निविदा/बीड के प्रकाशन से निष्पादन की प्रक्रिया तक पारदर्शिता के मूल सिद्धांत का पालन करना आवश्यक है. परंतु कार्यालय नगर पंचायत महाराजगंज द्वारा वस्तुओं के क्रय में गेम पोर्टल पर निविदा/बीड के प्रकाशन निष्पादन के कार्य तक पारदर्शिता एवं गोपनीयता के मूल सिद्धांत का पालन नहीं किया जाता है, जिसकी शिकायत पूर्व में भवदीय के अलावा वरीय पदाधिकारियों से की जाती रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
