सीवान. ईद-उल-मिलाद-उन-नबी के मौके पर निकाले गये जुलूस के दौरान निर्धारित आदेश की अनदेखी कर कुछ जगहों पर डीजे बजाने का मामला सामने आया है. इसे लेकर सीवान सदर के अनुमंडल पदाधिकारी आशुतोष कुमार गुप्ता ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि डीजे बजाने वालों और आयोजकों की पहचान की जा रही है. वीडियो फुटेज, फोटो और सीसीटीवी के आधार पर पहचान होने के बाद संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जायेगी.
जिले में ईद-उल-मिलाद-उन-नबी के जुलूस और कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए. हालांकि, कुछ स्थानों पर पहले से जारी प्रशासनिक आदेश का उल्लंघन कर डीजे बजाने की सूचना मिली है. एसडीओ ने स्पष्ट किया कि आदेश की अनदेखी करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जायेगा और जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जायेगी.
जुलूस के दौरान नियम तोड़ने वालों पर भी नजर
प्रशासन की ओर से जुलूस के लिए निर्धारित मार्ग और यातायात व्यवस्था का पालन करने का निर्देश दिया गया था. इसके बावजूद जुलूस को तय रास्ते से हटाकर ले जाने, सड़क को अनावश्यक रूप से रोकने या यातायात व्यवस्था बाधित करने वालों की भी पहचान की जा रही है.
एसडीओ ने कहा कि सार्वजनिक स्थान पर हंगामा करने या कानून व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी. आयोजकों को भी जुलूस के दौरान अनुशासन बनाए रखने और किसी तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचना देने का निर्देश दिया गया था.
भड़काऊ गीत, नारे और भाषण पर रोक
पर्व के दौरान भड़काऊ या आपत्तिजनक गीत, नारे और भाषण पर रोक थी. प्रशासन ऐसे मामलों की भी जानकारी जुटा रहा है. एसडीओ ने कहा कि सामाजिक माहौल बिगाड़ने या लोगों के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. प्रशासन की प्राथमिकता जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना है.
सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की नजर
पुलिस और प्रशासन सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले वीडियो और संदेशों पर भी नजर रख रहे हैं. पुराने वीडियो को नये घटनाक्रम से जोड़कर या भ्रामक तरीके से प्रसारित करने वालों की भी जांच की जा रही है.
एसडीओ ने लोगों से अपील की कि किसी भी वीडियो, फोटो या संदेश की सत्यता की पुष्टि किये बिना उसे सोशल मीडिया पर आगे साझा न करें. अफवाह या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी.
उन्होंने आयोजकों से अपने स्तर पर भी अनुशासन बनाए रखने की अपील की है. साथ ही किसी अप्रिय घटना या विवाद की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस या स्थानीय प्रशासन को सूचना देने को कहा है.
