सीवान: नगर परिषद के सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को पांचवें दिन भी जारी रही. लगातार पांच दिनों से सफाई और कचरा उठाव पूरी तरह ठप रहने के कारण शहर में कचरे का अंबार लग गया है. सोमवार को हुई हल्की बारिश के बाद हालात और गंभीर हो गए. बारिश से गीला कचरा तेजी से सड़ने लगा, जिससे शहर के विभिन्न इलाकों में दुर्गंध फैल गई और लोगों का रहना मुश्किल हो गया.
शहरवासी, राहगीर और दुकानदार बदबू के बीच रहने को मजबूर हैं. वहीं, लगातार बढ़ते कचरे के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है.
600 टन से अधिक कचरा जमा, प्रमुख सड़कें बनीं कूड़ाघर
नगर परिषद की ओर से रविवार रात शहर के विभिन्न कूड़ा प्वाइंटों से कचरा उठाने का प्रयास किया गया, लेकिन हड़ताली सफाई कर्मियों के विरोध के कारण अभियान सफल नहीं हो सका. सोमवार को भी नियमित सफाई कार्य शुरू नहीं हो पाया.
अनुमान है कि शहर में अब तक 600 टन से अधिक कचरा जमा हो चुका है. बड़हरिया रोड, स्टेशन रोड, नया बाजार, गांधी मैदान, राजेंद्र पथ सहित कई प्रमुख मार्गों और मोहल्लों में कचरे का ढेर लगा हुआ है. घर-घर कचरा संग्रहण बंद होने से लोग मजबूरी में सड़क किनारे और डस्टबिन के आसपास कचरा फेंक रहे हैं.
तीन सूत्री मांगों पर अड़े सफाई कर्मी
हड़ताली सफाई कर्मियों का कहना है कि जब तक उनकी तीन सूत्री मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा. उनकी प्रमुख मांगों में दैनिक वेतनभोगी, संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मियों का नियमितीकरण, आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर सीधे नगर परिषद से वेतन भुगतान तथा एसीपी, एमएसीपी सहित राज्यकर्मियों के समान सेवा सुविधाएं लागू करना शामिल है.
कर्मियों का आरोप है कि उनकी मांगों की लंबे समय से अनदेखी की जा रही है.
बीमारियों का बढ़ा खतरा, कारोबार भी प्रभावित
बारिश के कारण कचरा तेजी से सड़ने लगा है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द सफाई व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.
दुकानदारों ने बताया कि बाजारों में फैली दुर्गंध के कारण ग्राहक आने से बच रहे हैं, जिससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है.
चेहल्लुम से पहले सफाई की चुनौती
चेहल्लुम पर्व को देखते हुए सोमवार दोपहर नगर परिषद स्तर पर प्रमुख कूड़ा प्वाइंटों से कचरा हटाने की रणनीति पर विचार किया गया. हालांकि समाचार लिखे जाने तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी थी. हड़ताली कर्मियों के विरोध के कारण प्रशासन के सामने सफाई व्यवस्था बहाल करना बड़ी चुनौती बना हुआ है.
शहरवासियों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप कर हड़ताल समाप्त कराने तथा सफाई व्यवस्था जल्द बहाल करने की मांग की है.
