चावल आपूर्ति की समय बढ़ाये केंद्र

धान की मिलिंग और उसके समतुल्य चावल (सीएमआर) की आपूर्ति की समय-सीमा बढ़ाने की मांग बिहार सरकार ने केंद्र सरकार से की है.सहकारी समितियों को धान खरीद के लिए सहकारी बैंकों से कैश क्रेडिट लोन मिला था. बाकी बचे चावल की आपूर्ति न होने पर इस लोन की वापसी में दिक्कत होगी और बैंकों की वित्तीय स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.

प्रतिनिधि,सीवान. धान की मिलिंग और उसके समतुल्य चावल (सीएमआर) की आपूर्ति की समय-सीमा बढ़ाने की मांग बिहार सरकार ने केंद्र सरकार से की है.सहकारी समितियों को धान खरीद के लिए सहकारी बैंकों से कैश क्रेडिट लोन मिला था. बाकी बचे चावल की आपूर्ति न होने पर इस लोन की वापसी में दिक्कत होगी और बैंकों की वित्तीय स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. राज्य सरकार का कहना है कि भारी बारिश और बाढ़ की वजह से ज्यादातर जिलों में चावल आपूर्ति का काम बाधित हुआ है.इससे पहले केंद्र सरकार ने राज्य के अनुरोध पर 15 जून की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 10 अगस्त किया था.राज्य सरकार ने अनुरोध किया है कि मौसम की मौजूदा स्थिति और प्राकृतिक आपदा को देखते हुए सीएमआर की आपूर्ति की अंतिम तिथि 10 अगस्त से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी जाए, ताकि किसानों, सहकारी समितियों और बैंकों को किसी तरह की वित्तीय हानि न हो और चावल आपूर्ति का लक्ष्य समय पर पूरा हो सके.बताते चले कि जिले में अब भी 4058.73 मीट्रिक टन चावल बकाया है. .जिले में खरीफ विपणन मौसम के तहत 257 समितियों के माध्यम से किसानों से कुल 97,337 टन धान खरीदा गया था.नियम के अनुसार इसके बदले 66,758 टन चावल राज्य खाद्य निगम को लौटाया जाना था. लेकिन 10 अगस्त तक केवल 62,699 टन चावल ही आपूर्ति हो सका.परिणामस्वरूप, 4058 टन चावल अब भी बकाया है.जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरव कुमार ने स्पष्ट किया है कि जिन क्रय केंद्रों द्वारा अब तक चावल की आपूर्ति नहीं की गई है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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Author: DEEPAK MISHRA

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