Bihar School Timing 2026: बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों के संचालन समय में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए शनिवार को सभी सरकारी विद्यालयों के लिए हाफ डे लागू करने का आदेश जारी किया है. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा 6 अगस्त 2026 को जारी आदेश के अनुसार अब सोमवार से शुक्रवार तक विद्यालय पूर्व की तरह सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक संचालित होंगे, जबकि शनिवार को विद्यालय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक ही खुलेंगे. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.
12 दिसंबर 2025 के आदेश में किया गया संशोधन
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि 12 दिसंबर 2025 को जारी विद्यालय संचालन समय-सारणी में आंशिक संशोधन करते हुए यह नया निर्णय लिया गया है. विभाग के अनुसार समय-सारणी से जुड़े अन्य सभी निर्देश और शर्तें पूर्ववत प्रभावी रहेंगी.
कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए यह रहेगी व्यवस्था
वर्ग 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए शनिवार को पूर्व निर्धारित गतिविधियां निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाएंगी. इन कक्षाओं में दोपहर 12:00 बजे तक पठन-पाठन और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां संचालित होंगी. इसके बाद 12:00 बजे से 12:40 बजे तक मध्याह्न भोजन कराया जाएगा. भोजन के बाद विद्यार्थियों की छुट्टी कर दी जाएगी.
माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों का समय
माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शनिवार को दोपहर 1:00 बजे तक नियमित कक्षाएं और अन्य निर्धारित गतिविधियां संचालित होंगी. इसके बाद सभी छात्र-छात्राओं को विद्यालय से छुट्टी दे दी जाएगी.
शिक्षकों के लिए भी बनाई गई नई व्यवस्था
नए आदेश के तहत शिक्षकों को प्रतिदिन नियमित कक्षाओं के बाद एक घंटे का समय शैक्षणिक कार्यों के लिए देना होगा. इस दौरान अगले दिन और आगामी सप्ताह की पाठ योजना तैयार करना, उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन, शिक्षक डायरी अद्यतन करना, गृहकार्य की जांच, प्रयोगशाला प्रबंधन तथा अन्य शैक्षणिक कार्य किए जाएंगे. आवश्यकता पड़ने पर इसी अवधि में रिमेडियल कक्षाएं भी संचालित की जा सकेंगी. इन कार्यों के पूरा होने के बाद ही शिक्षक विद्यालय से प्रस्थान करेंगे.
तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश
शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यह निर्णय सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति से लिया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू होगा. नए आदेश के लागू होने से शनिवार को विद्यार्थियों को कम समय विद्यालय में रहना होगा, जबकि शिक्षकों को शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार से जुड़े कार्यों के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध रहेगा.
