Modern Farming: भगवानपुर हाट प्रखंड मुख्यालय स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में गुरुवार को कृषक प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, मिट्टी जांच, कृषि मशीनरी के उपयोग और उर्वरकों के वैज्ञानिक प्रयोग की जानकारी दी गयी. कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर की. इसके बाद अतिथियों का स्वागत और सम्मान किया गया.
किसानों को नैनो उर्वरक के बारे में दी जानकारी.
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को इफको के नैनो उर्वरक और अन्य उत्पादों के आधुनिक खेती में उपयोग तथा उनके लाभ के बारे में जानकारी दी गयी. इफको के राज्य विपणन प्रबंधक डॉ. आनंद कुमार श्रीवास्तव ने किसानों को नैनो उर्वरक के उपयोग से जुड़ी जानकारी दी.
एजीटी सीवान के सुमन कुमार ने जैव उर्वरकों के महत्व और उनके सही तरीके से इस्तेमाल के बारे में बताया. उन्होंने किसानों को फसलों में नैनो उर्वरकों के प्रभावी उपयोग की जानकारी भी दी.
खरीफ फसलों में संतुलित उर्वरक के इस्तेमाल की सलाह.
कृषि वैज्ञानिक डॉ. कन्हैया लाल रैगर ने खरीफ फसलों में उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने किसानों को फसलों में लगने वाले कीट और रोगों की पहचान तथा उनके प्रबंधन के उपायों के बारे में भी बताया.
उन्होंने किसानों से जरूरत के अनुसार उर्वरकों का इस्तेमाल करने और फसल की बेहतर पैदावार के लिए वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने की अपील की.
आधुनिक कृषि यंत्रों के फायदे बताए.
कृषि अभियंता कृष्ण बहादुर छेत्री ने किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी दी. उन्होंने कृषि यंत्रों की कार्यप्रणाली और खेती में उनके इस्तेमाल से होने वाले फायदे के बारे में बताया.
उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि मशीनरी के इस्तेमाल से खेती के काम में समय और मेहनत दोनों की बचत होती है. किसानों को उपलब्ध कृषि यंत्रों का सही तरीके से उपयोग करने की जानकारी भी दी गयी.
नई तकनीक अपनाने की अपील.
कृषि विज्ञान केंद्र सीवान के वरिष्ठ वैज्ञानिक सह अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र प्रसाद ने किसानों के लिए चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीक और नई खेती पद्धतियों को अपनाने के फायदे बताए.
उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक तरीके से खेती करने और नई तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की. उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक की जानकारी लेकर किसान खेती में बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं.
किसानों की समस्याओं पर विशेषज्ञों ने दिए सुझाव.
प्रशिक्षण के दौरान किसानों ने खेती से जुड़ी अपनी समस्याएं विशेषज्ञों के सामने रखीं. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों की समस्याओं को सुना और उनके समाधान के लिए आवश्यक सुझाव दिए.
इस दौरान किसानों के बीच नैनो किट का भी वितरण किया गया. इससे किसानों को नैनो उर्वरक के प्रयोग और उससे जुड़ी तकनीकी जानकारी को व्यवहार में अपनाने में मदद मिलेगी.
कृषि विज्ञान केंद्र का किसानों ने किया भ्रमण.
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया गया. इसके बाद किसानों ने कृषि विज्ञान केंद्र का भ्रमण किया. इस दौरान उन्होंने केंद्र में संचालित विभिन्न कृषि तकनीकों, प्रदर्शन इकाइयों और अन्य गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की.
कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए जागरूक किया गया.
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