सीवान के बड़हरिया में सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम, बच्चों को नाव दुर्घटना और डूबने से बचाव के बताए उपाय

Safest Saturday: बड़हरिया प्रखंड के विद्यालयों में 'सुरक्षित शनिवार' कार्यक्रम के तहत बच्चों को नाव दुर्घटनाओं और पानी में डूबने से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय सिखाए गए. शिक्षकों ने सुरक्षित नाव यात्रा, तेज हवा में सावधानी और मॉक ड्रिल के जरिए बचाव के तरीके समझाए.

Safest Saturday: मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत बड़हरिया प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में शनिवार को ‘सुरक्षित शनिवार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. अगस्त माह के चौथे सप्ताह की निर्धारित थीम के तहत बच्चों को नाव दुर्घटना और पानी में डूबने से बचाव के उपायों की जानकारी दी गयी. फोकल शिक्षकों ने बच्चों को बारिश के मौसम में नदियों, तालाबों, गड्ढों सहित अन्य जलस्रोतों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी.

सुरक्षित नाव से यात्रा करने की दी गयी जानकारी

उत्क्रमित मध्य विद्यालय महबूबछपरा में आयोजित कार्यक्रम में फोकल टीचर उदय कुमार ने बताया कि नाव से यात्रा करते समय हमेशा रजिस्टर्ड और सुरक्षित नाव का ही उपयोग करना चाहिए. सफेद पट्टी वाली नाव और जीवन रक्षक सामग्री से लैस नाव को प्राथमिकता देने की सलाह दी गयी. क्षमता से अधिक लोगों को लेकर चलने वाली ओवरलोड नाव, जर्जर या खराब नाव पर यात्रा नहीं करने को कहा गया.

नाव में बैठते समय संतुलन बनाए रखने, अनावश्यक रूप से खड़े होकर इधर-उधर नहीं हिलने तथा उपलब्ध होने पर लाइफ जैकेट पहनने के लिए भी बच्चों को जागरूक किया गया.

बारिश और तेज हवा में नाव यात्रा से बचने की सलाह

बच्चों को बताया गया कि बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवा के दौरान नाव से यात्रा करने से बचना चाहिए. जिस नाव पर पशुओं को ढोया जा रहा हो, उस पर यात्रियों को सफर नहीं करना चाहिए. शिक्षकों ने कहा कि नाव यात्रा के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है.

मॉक ड्रिल के जरिए बचाव के तरीके समझाये

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को पानी में डूब रहे व्यक्ति को बचाने और प्राथमिक उपचार देने का मॉक ड्रिल भी कराया गया. बताया गया कि डूबते व्यक्ति को बचाने के लिए बिना सोचे-समझे खुद गहरे पानी में नहीं उतरना चाहिए. तैरना नहीं आने पर रस्सी, बांस, कपड़े, धोती या साड़ी जैसी लंबी वस्तु के सहारे डूब रहे व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास करना चाहिए.

साथ ही आसपास के लोगों को तुरंत आवाज देकर मदद के लिए बुलाने और बड़े लोगों अथवा प्रशासन को सूचना देने की सलाह दी गयी.

डूबने की घटना में समय पर मदद जरूरी

पानी से बाहर निकालने के बाद पीड़ित को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर आवश्यक प्राथमिक उपचार देने तथा बिना देरी किए चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी भी बच्चों को दी गयी. शिक्षकों ने कहा कि डूबने की घटना में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है, इसलिए घबराने के बजाय सूझबूझ और सुरक्षित तरीके से तत्काल मदद करना चाहिए.

कार्यक्रम में सभी शिक्षक रहे मौजूद

इस मौके पर हेडमास्टर मनोज ठाकुर, मो. इमामुद्दीन नूर, अनीस फातिमा, उज्जवल कुमार, सुनीता कुमारी, रश्मि कुमारी, राधिका पांडेय, प्रियंका, नजमा सहित सभी शिक्षक मौजूद थे.

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By आनंद मिश्र

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