इस वर्ष 95 पंचायतें टीबी मुक्त, सदर अस्पताल में डीएनबी कोर्स शुरू

जिले में इस साल करोड़ों की योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन हुआ, क्रिटिकल केयर ब्लॉक से होगी जीवन रक्षा

अमरनाथ शर्मा, सीवान. जिले ने 2025 में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है. सरकार और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से करोड़ों रुपये की योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और नई सुविधाओं का शुभारंभ हुआ. ये उपलब्धियां जिले के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने के साथ-साथ आम जनता तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने में मील का पत्थर साबित हुईं.सीवान का यह स्वास्थ्य क्रांति आम आदमी की जिंदगी को छू रही है. ग्रामीण पंचायतों से लेकर सदर अस्पताल तक, हर स्तर पर सुविधाएं बढ़ रही हैं. 2025 ने साबित कर दिया कि समर्पित प्रयासों से स्वास्थ्य सेवाओं को न केवल मजबूत किया जा सकता है, बल्कि उसे जन-जन तक पहुंचाया भी जा सकता है. आने वाले वर्षों में सीवान स्वास्थ्य के क्षेत्र में बिहार का एक चमकता उदाहरण बनेगा.

टीबी उन्मूलन में ऐतिहासिक सफलता

स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत बड़ा कारनामा किया. 2025 में जिले की 93 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया गया. इनमें से 11 पंचायतें लगातार दूसरे वर्ष भी टीबी मुक्त दर्जा बनाये रखने में सफल रहीं. इस अभियान ने ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी के खिलाफ जागरूकता और उपचार की पहुंच को अभूतपूर्व रूप से बढ़ाया.

सदर अस्पताल में पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा की शुरुआत

सदर अस्पताल अब उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा का केंद्र बनने की राह पर है. नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीइएमएस), नई दिल्ली ने बाल रोग (पीडियाट्रिक्स) तथा प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में डीएनबी कोर्स के लिए दो-दो सीटों की स्वीकृति प्रदान की. नामांकन के लिए काउंसेलिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. साथ ही इमरजेंसी मेडिसिन और एनेस्थीसिया में भी डीएनबी कोर्स आरंभ करने की पहल जारी है. इससे जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या में वृद्धि होगी.

जिले के स्थापना दिवस, तीन दिसंबर को स्वास्थ्य मंत्री ने सदर अस्पताल परिसर में 23.75 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास किया. इसी मौके पर मैरवा में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज परिसर में 100 बेड वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक की घोषणा भी की गई. गंभीर मरीजों के लिए यह सुविधाएं जीवन रक्षक साबित होंगी.

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व अन्य सुविधाओं का लोकार्पण

स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि आगामी एक महीने में 24 योजनाओं का उद्घाटन होगा, जिनमें 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) शामिल हैं. इनकी कुल लागत करीब 8.5 करोड़ रुपये है. अप्रैल में सदर अस्पताल में 2.40 करोड़ रुपये से बने 39 बेड वाले प्रीफैब पीकू वार्ड का उद्घाटन हुआ. कुल मिलाकर साढ़े उन्नीस करोड़ रुपये की लागत से पीकू वार्ड, दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और चार हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का लोकार्पण किया गया. दरौली में 30 बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है.

कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत : डे केयर कीमोथेरेपी सेंटर

सितंबर महीने में सदर अस्पताल में डे केयर कीमोथेरेपी सेंटर का उद्घाटन एक बड़ी सौगात साबित हुआ. राज्य स्वास्थ्य समिति और होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल के सहयोग से शुरू इस सेंटर का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ श्रीनिवास प्रसाद ने किया. अब जिले के कैंसर पीड़ितों को कीमोथेरेपी के लिए बड़े शहरों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा.

हबीबनगर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन

स्वास्थ्य विभाग द्वारा समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से जिले के 11 प्रखंडों के 11 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणीकरण के लिए चयनित किया गया है. विभाग की ओर से अब तक छह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का असेसमेंट पूरा किया जा चुका है. इनमें हुसैनगंज प्रखंड स्थित हबीबनगर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ने सभी मानकों को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक का प्रमाण पत्र प्राप्त किया है. यह उपलब्धि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

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Published by: Shashi kant kumar

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