निगरानी ने आरोपितों पर कसा शिकंजा

इश्तेहार का आदेश निगरानी कोर्ट ने रखा सुरक्षित नप में कई मदों में 3.87 करोड़ का हुआ था घोटाला सीवान : नगर पर्षद में सोलर लाइट समेत विभिन्न सामग्रियों की खरीद में 3.87 करोड़ गबन के आरोपित पूर्व सभापति व उप सभापति समेत 12 आरोपितों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. इस मामले में फरार […]

इश्तेहार का आदेश निगरानी कोर्ट ने रखा सुरक्षित
नप में कई मदों में 3.87 करोड़ का हुआ था घोटाला
सीवान : नगर पर्षद में सोलर लाइट समेत विभिन्न सामग्रियों की खरीद में 3.87 करोड़ गबन के आरोपित पूर्व सभापति व उप सभापति समेत 12 आरोपितों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. इस मामले में फरार चल रहे सभी आरोपितों पर निगरानी विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. विभाग ने मुजफ्फरपुर निगरानी कोर्ट में सभी आरोपितों के विरुद्ध इश्तेहार के लिए आवेदन दिया है.
इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट शीघ्र इस मामले में आदेश दे सकता है. इसके बाद निगरानी की टीम सभी आरोपितों के घर इश्तेहार चस्पा कर कुर्की के लिए आवेदन कर सकती है. इधर, इश्तेहार के लिए आवेदन देने व आदेश सुरक्षित रखने की सूचना के बाद सभी आरोपितों की धड़कनें तेज हैं. मालूम हो कि नगर पर्षद में सोलर लाइट समेत विभिन्न सामग्रियों की खरीद में 3.87 करोड़ का गबन उजागर हुआ था. इसके बाद तत्कालीन वार्ड पार्षद इंतखाब अहमद की शिकायत पर जांच के बाद निगरानी विभाग ने मुकदमा दर्ज कराया.
इसमें तत्कालीन नगर सभापति बबलू प्रसाद, तत्कालीन पदाधिकारी राजीव रंजन प्रकाश, पूर्व सभापति अनुराधा गुप्ता, तत्कालीन उपसभापति कर्णजीत सिंह, अभिनव श्रीवास्तव, अब्दुल खारीद, सुनीता देवी, किरण देवी, अापूर्तिकर्ता प्रमोद कुमार, संदीप कुमार, वीरेंद्र कुमार चौबे, प्रो. हर्षवर्धन सिंह, रितेश अानंद सहित अन्य अज्ञात को आरोपित किया गया था.
इधर, प्राथमिकी दर्ज करने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में जनवरी में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से मामला शांत पड़ा रहा. नगर पर्षद चुनाव को लेकर अचानक आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर निगरानी की सक्रियता बढ़ी. नतीजा रहा कि आरोपित भागते फिर रहे हैं. इसी क्रम में पूर्व सभापति व वर्तमान वार्ड पार्षद अनुराधा गुप्ता द्वारा दिये गये आवेदन पर पटना हाइकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है.
आरोपितों पर लटक रही कुर्की जब्ती की तलवार : इधर, फरार चल रहे आरोपित पूर्व नगर सभापति बबलू प्रसाद, पूर्व उप सभापति कर्णजीत सिंह समेत 12 आरोपितों ने अग्रिम जमानत के लिए निगरानी की विशेष अदालत मुजफ्फरपुर में आवेदन दिया था. इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद निगरानी टीम लगातार सभी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.
परंतु, अभी तक एक भी आरोपित निगरानी के हत्थे नहीं चढ़ सका. यह देख निगरानी विभाग ने मुजफ्फरपुर निगरानी कोर्ट में इश्तेहार के लिए आवेदन दिया. इस पर न्यायालय से सुनवाई करने के बाद अपने आदेश को सुरक्षित रख लिया. फरार चल रहे गबन के आरोपितों पर कुर्की की तलवार लटक गयी है.

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