प्रतिनिधि,सीवान.रसोई गैस के पर्याप्त इंतजाम के प्रशासनिक दावे के विपरीत जमीनी हकीकत निराश करनेवाला है.रातभर गैस सिलिंडर पाने की उम्मीद में लंबी कतार लगी रही.खाली सिलिंडर रात के अंधेरे में खो न जाये इसको लेकर एक दूसरे को लोहे के चैन से जकड़ कर लोगों ने ताला जड़ दिया था.ये सब लोग इस उम्मीद में यहां रात बिता रहे थे कि सुबह होने पर गैस सिलिंडर मिल जायेगा.जिससे इंधन के अभाव में बूझे चूल्हे एक बार फिर जल उठेंगे, पर दिन चढ़ने के पहले ही अचानक खबर मिली थी गैस सिलिंडर की गाड़ी आज नहीं आयेगी. यह मामला है सीवान सदर प्रखंड क्षेत्र का. शहर से करीब 8 किलोमीटर दूर मर्दापुर स्थित डॉ. आंबेडकर एचपी गैस ग्रामीण वितरक एजेंसी पर उपभोक्ताओं में गैस सिलिंडर की आपूर्ति नहीं होने से गहरी नाराजगी है. मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे से ही लोग गैस सिलिंडर लेने के लिए कतार में लग गए और पूरी रात एजेंसी के बाहर ही गुजारनी पड़ी. कई लोग खाट लेकर पहुंचे थे, तो कुछ जमीन पर ही सोते नजर आए. महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भी लाइन में खड़े देखा गया. बावजूद इसके बुधवार सुबह 10 बजे तक भी उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर नहीं मिल सका.जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती दिखी. स्थानीय लोगों का आरोप है कि एजेंसी पर गैस की आपूर्ति पर्याप्त नहीं है और वितरण व्यवस्था भी बेहद खराब है. उपभोक्ताओं का कहना है कि रसोई गैस जैसी बुनियादी सुविधा के लिए इस तरह रातभर लाइन में लगना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है अधिकारी भी करते हैं जांच के नाम पर खानापूर्ति गैस सिलिंडर के लिए कतार में खड़े राजेश कुमार,सुदामा सिंह,लालजीत सिंह ने बताया कि मैं रात्रि से गैस सिलिंडर लिए कतार में हुं. राजेश ने बताया कि पिछली बार जब सिलिंडर का वितरण जो रहा था.तो एजेंसी जांच के लिए शहर से अधिकारी आए थे.हालांकि केवल जांच का तस्वीर खिंचवाकर कोरम पूरा कर लिया फिर वापस चले गए.यदि सही जांच होती तो यह समस्या नही होती. पब्लिक जग रही तो जगने दीजिए पब्लिक के पास कोई काम नही-डीएसओ इधर एक तरफ लोग गैस के लिए रात-रात भर एजेंसी पर रातजगा कर रहे है, तो वही दूसरी तरफ जिला आपूर्ति पदाधिकारी सीमा कुमारी का कहना है कि पब्लिक जाग रही है तो जगने दीजिए. पब्लिक का कोई काम नहीं है. गैस आपूर्ति नहीं होने के संबंध में जब जिला आपूर्ति पदाधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि गैस एजेंसी के पास 8 से 10 दिन का बैकलॉग चल रहा है. हर दिन हम लोग यह निकलवा देते हैं कि किस दिन किस डीएसी नंबर और किस दिन का बुकिंग का गैस मिलेगा. पब्लिक उसे फाड़ देती है .पब्लिक रात रात भर अपनी गलती से एजेंसी पर शो रही है. डीएम का दावा जिले के 48 गैस एजेंसी के पास उपलब्ध हैं 20293 सिलिंडर एक तरफ जिला अधिकारी दावा कर रहे हैं कि हमारी 48 एजेंसी यू के पास पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध है लेकिन दम कभी दवा लोगों के सामने फेल हो जा रहा है बुधवार को जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मात्रा में बताया कि जिला में घरेलू गैस की आपूर्ति के लिए इंडेन के 30 वितरक हैं.जिनके पास 11930 घरेलू गैस सिलिंडर, भारत गैस के 10 वितरक हैं, जिनके पास 6146 घरेलू गैस सिलिंडर एवं हिंदुस्तान गैस गैस के 08 वितरक हैं, जिनके पास 2217 घरेलू गैस सिलिंडर उपलब्ध हैं .यानी. जिले में 48 विभिन्न गैस एजेंसियों के पास वर्तमान में 20293 घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं.
गैस एजेंसी पर ही लोग गुजार रहे रात
रसोई गैस के पर्याप्त इंतजाम के प्रशासनिक दावे के विपरीत जमीनी हकीकत निराश करनेवाला है.रातभर गैस सिलिंडर पाने की उम्मीद में लंबी कतार लगी रही.खाली सिलिंडर रात के अंधेरे में खो न जाये इसको लेकर एक दूसरे को लोहे के चैन से जकड़ कर लोगों ने ताला जड़ दिया था.ये सब लोग इस उम्मीद में यहां रात बिता रहे थे कि सुबह होने पर गैस सिलिंडर मिल जायेगा.
