Sitamarhi : आवापुर में सड़क पर जल जमाव से राहगीर परेशान, नाला निर्माण की जरूरत

पुपरी - सीतामढ़ी मुख्य पथ में आवापुर गांव में सड़क पर जल जमाव की समस्या से राहगीर परेशान हैं.

पुपरी.

पुपरी – सीतामढ़ी मुख्य पथ में आवापुर गांव में सड़क पर जल जमाव की समस्या से राहगीर परेशान हैं. सड़क पर पैदल चलना बाधित हो चुका है. जबकि जल-जमाव की वजह से साइकिल, बाइक, ई- रिक्शा व ऑटो को भी उस जल-जमाव को पार करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. जल- जमाव पार करने के दौरान अगर विपरीत दिशा से कोई गाड़ी आ गयी तो मुश्किलें और बढ़ जाती है. कई बार तेज गति से बड़े वाहन के निकलने पर साइकिल चालक गिर भी जाते है. स्टेट हाइवे पर डेढ़ से दो फिट गंदे पानी का जमाव कायम है. गंदगी व सड़क पर पानी से उठ रहे दुर्गंध से स्थानीय लोगों का जीवन नारकीय बना हुआ है. स्थानीय बैधनाथ पाठक, धनंजय कुमार, राजेश पटेल, मो मोतिउर रहमान उर्फ आलमगीर समेत अन्य ने बताया कि उक्त सड़क पर जल-जमाव स्थायी समस्या बन चुका है. उक्त समस्या के लिए निर्माण कार्य एजेंसी जिम्मेदार है. कहा, सड़क निर्माण कार्य के अधिकृत संवेदक व इंजीनियरिंग विभाग के लापरवाही के कारण सालों भर पानी का जमाव कायम रहता है, जिसके निकासी हेतु कोई व्यवस्था नहीं है. सड़क के दोनों ओर नाला का निर्माण कराया जाना चाहिए था. कार्य एजेंसी ने सड़क के एक भाग में पतली नाली का अधूरा निर्माण कराया गया. जबकि दूसरे भाग में नाला का निर्माण नही कराया जा सका है. अधूरा नाली वाले भाग में लोगों के आवासीय गंदा पानी ओवरलैप कर सड़क पर आ जाता है. जबकि सड़क के दक्षिणी भाग में नाला का निर्माण नही किया गया, जिसके चलते स्थानीय लोग अपने- अपने घरों के आवासीय नाली का पानी व चापाकल का पानी सड़क पर गिरा रहा है. घनी आबादी होने के कारण सड़क पर पानी का भारी जमाव हो चुका है. पानी का निकासी मार्ग पूरी तरह बंद हो चुका है. जबकि दूसरे भाग में जलनिकासी निजी व्यक्ति की जमीन होकर किया जाता है. इस जल निकासी मार्ग को जमीन मालिक के द्वारा बंद कर दिया जाता हैं. इस संबंध में आवापुर उत्तरी पंचायत के मुखिया मो जमालुद्दीन दानिश व आवापुर दक्षिणी पंचायत के मुखिया मो जकीउल्लाह उर्फ जकी ने बताया कि सड़क के दोनों किनारे नाला निर्माण कार्य करा दिया जाए तो जल जमाव की समस्या से निजात मिल जाएगा. इसके लिए कई बार प्रयास किया गया. इस बाबत पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता शिवशंकर प्रसाद ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा पानी की निकासी नही करने दिया जा रहा है. बरसात के समय पानी निकासी हेतु कच्चा नाला चीरने गये थे. ग्रामीणों ने रोक दिया. पक्का नाला निर्माण हेतु प्रस्ताव भेजा गया है, जिसकी स्वीकृति फेज तीन के तहत होने वाली है. स्वीकृति मिलने पर वर्ष 2026 में पक्का नाला निर्माण कराया जाएगा.

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