भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की मनी 102वीं जयंती

बिहार के महान समाजवादी नेता एवं भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती मनी.

शिवहर . बिहार के महान समाजवादी नेता एवं भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ जदयू जिला कार्यालय में अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष भोला सहनी की अध्यक्षता में शनिवार को मनाया गया.इस दौरान विधायक डॉ श्वेता गुप्ता, एमएलसी रेखा कुमारी सहित पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं ने कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके विचारों पर प्रकाश डाला गया.विधायक ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर बिहार की राजनीति में गरीबों और दबे- कुचले वर्ग की सशक्त आवाज बनकर उभरे थे.वें दो बार मुख्यमंत्री और एक बार उप मुख्यमंत्री रहे तथा दशकों तक विपक्ष के नेता भी रहे.कहा कि वर्ष 1952 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव जीता था. वे बिहार के पहले गैर- कांग्रेसी मुख्यमंत्री थे तथा वर्ष 1967 में उप मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने बिहार में अंग्रेजी की अनिवार्यता को समाप्त किया.जिसके चलते उनकी आलोचना भी हुई थी.वही कार्यक्रम में अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने वर्ष 1971 में मुख्यमंत्री बनने के बाद किसानों को बड़ी राहत देते हुए गैर- लाभकारी जमीन पर मालगुजारी टैक्स समाप्त कर दिया तथा वर्ष 1977 में मुख्यमंत्री बनने पर उन्होंने नौकरियों में मुंगेरीलाल कमीशन लागू कर गरीबों और पिछड़ों को आरक्षण दिया.जिसका नतीजा यह हुआ कि जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित किया गया.मौके पर जदयू जिलाध्यक्ष कमलेश पांडे, जदयू जिलाध्यक्ष उपाध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा, जदयू युवा जिलाध्यक्ष हेमंत कुमार, जदयू नेता विजय विकास, भाजपा नेता अशोक चंद्रवंशी समेत कई मौजूद थे.

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Published by: Digvijay singh

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