सावधान! बिहार के इस जिले के 2.16 लाख किसानों की रुक सकती है सरकारी किस्त, कृषि विभाग का अल्टीमेटम

PM Kisan: सीतामढ़ी में फार्मर आईडी और e-KYC न होने से 2.16 लाख किसानों पर सरकारी योजनाओं का लाभ खोने का खतरा है. कृषि विभाग ने 9 जनवरी को 707 गांवों में विशेष कैंप लगाए हैं. पीएम किसान और फसल बीमा जैसी योजनाओं का लाभ जारी रखने के लिए यह रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है.

PM Kisan: सीतामढ़ी में करीब 2 लाख 16 हजार किसान ऐसे हैं, जो समय पर फार्मर आईडी और ई-केवाईसी नहीं कराने पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और कृषि विभाग की अन्य योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकते हैं. कृषि विभाग ने कहा है कि अब फार्मर आईडी और ई-केवाईसी कराना अनिवार्य हो गया है. इसी को देखते हुए विभाग की ओर से किसानों को अंतिम मौका दिया गया है. इसके तहत 9 जनवरी को जिले के 707 राजस्व गांवों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे, ताकि वंचित किसान समय रहते अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकें.

फार्मर ID जरूरी

जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) शांतनु कुमार ने बताया कि बिहार के सभी किसानों के लिए फार्मर आईडी बनाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि 9 जनवरी को आयोजित होने वाले विशेष कैंप के जरिए किसानों का फार्मर आईडी और ई-केवाईसी अंतिम रूप से किया जाएगा. यदि कोई किसान इसके बाद भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं करता है तो उसे कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा.

शांतनु कुमार ने किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना फार्मर आईडी और ई-केवाईसी करा लें. किसान अपने कृषि समन्वयक, राजस्व कर्मचारी, कैंप स्थल, सीएससी केंद्र या वसुधा केंद्र की मदद से यह काम करा सकते हैं. इसके अलावा किसान खुद भी ऑनलाइन bhfr.agristack.gov.in/farmer-registry-bh/#/ वेबसाइट पर जाकर फार्मर कॉर्नर के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं.

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बड़ी संख्या में किसान प्रक्रिया से हैं बाहर

जिला कृषि पदाधिकारी ने जानकारी दी कि सीतामढ़ी जिले में कुल 2 लाख 46 हजार 105 किसान रजिस्टर्ड हैं. इनमें से अब तक केवल करीब 30 हजार किसानों ने ही फार्मर आईडी और ई-केवाईसी कराई है. बड़ी संख्या में किसान अभी भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं.

विशेष कैंप को सफल बनाने के लिए विभाग की ओर से टीम का गठन किया गया है. हर राजस्व गांव में लगने वाले कैंप की निगरानी की जाएगी और किसानों को तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसी को परेशानी न हो और सभी पात्र किसान सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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