थानाध्यक्ष नहीं देते वाहन तो बाइक से कोर्ट में लाते है बंदी

जिला मुख्यालय स्थित अंबेडकर स्थल पर दफादार/चौकीदार संघ ने विभिन्न मांगों के समर्थन में मंगलवार को धरना दिया.

सीतामढ़ी. जिला मुख्यालय स्थित अंबेडकर स्थल पर दफादार/चौकीदार संघ ने विभिन्न मांगों के समर्थन में मंगलवार को धरना दिया. बाद में डीएम को मांग पत्र सौंपा गया. इनकी मांगों में चौकीदार/दफादार के कटे वेतन को असाधारण अवकाश में स्वीकृत करने, सेवा को नियमित करने, कार्यरत/सेवानिवृत्त/मृत चौकीदार व दफादार को शीघ्र एसीपी/एमएसीपी का लाभ देने, सेवानिवृत्ति के पश्चात सेवांत लाभ एवं अन्य विपत्र का भुगतान सीओ की अनुशंसा के पश्चात सीधे एसपी को भेजने का आदेश निर्गत करने, सेवा संपुष्ट करने समेत अन्य मांग शामिल है.

— कैदी स्कॉट से मुक्ति मिले

धरना के दौरान संघ के नेताओं ने कहा कि गृह विभाग के स्पष्ट आदेश के बावजूद थानाध्यक्ष द्वारा चौकीदार व दफादार से कैदी स्कॉर्ट कराया जाता है और कैदी के भागने पर चौकीदार/दफादार को निलंबित किया जाता है. कहा कि थानाध्यक्ष द्वारा बंदी को कोर्ट में भेजने के दौरान पुलिस बल व वाहन की व्यवस्था नहीं की जाती है. सीधे कमान काट कर चौकीदार को थमा दिया जाता है. थानाध्यक्ष द्वारा कहा जाता है कि बंदी को कोर्ट तक कैसे ले जाना है, चौकीदार का जिम्मा है. ऐसे हालात में चौकीदारों को अपनी बाइक से बंदी को कोर्ट में लाना पड़ता है. यह नियमानुकूल नहीं है. मौके पर जिला उपाध्यक्ष रामचंद्र पासवान, जिला सचिव सूरज कुमार सिंह, विशिष्ट अतिथि सह राष्ट्रीय महासचिव संत सिंह, राज्य उपाध्यक्ष विकास पासवान, सारण प्रमंडल अध्यक्ष दीनानाथ मांझी, तिरहुत प्रमंडलीय अध्यक्ष महेश राय, दरभंगा जिला सचिव नवीन पासवान, मो ताहिर, मुजफ्फर इमाम, नवल किशोर झा व नंद किशोर राय समेत अन्य मौजूद थे.

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Author: VINAY PANDEY

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