सरेआम उड़ रहीं ट्रैफिक रूल की धज्जियां
नाबालिग बच्चों ने थाम रखी है स्टेयरिंग
विभाग के नाक के नीचे चल रहा गोरखधंधा
एजेंसी संचालक नहीं कर रहे नियमों का पालन
सीतामढ़ी : आर्थिक तंगी से जूझ रहे नाबालिग बच्चों के परिस्थिति का लाभ ई-रिक्शा के मालिक व एजेंसी संचालक जमकर उठा रहे हैं. महाजाम की समस्या से जूझ रहे डुमरा-सीतामढ़ी रोड समेत शहर के अधिकांश मार्गों पर दौड़ रहे ई-रिक्शा को देखकर यह कहना कहीं से गलत नही होगा कि सरेआम ट्रैफिक रूल की धज्जियां उड़ायी जा रही है और जवाबदेह विभाग देखकर भी कतिपय कारणों से अंजान बना हुआ हैं.
परिस्थिति का उठा रहे लाभ : नाबालिग बच्चों के हाथ में स्टेरिंग देने वाले ई-रिक्शा संचालक व एजेंसी संचालकों के मनमानी का आलम यह है कि कायदे-कानून को नजरअंदाज करते हुए बगैर नंबर प्लेट के सड़कों पर ई-रिक्शा का परिचालन यात्री वाहन के रूप में किया जा रहा है.
जबकि सरकार का स्पष्ट आदेश है कि सभी तरह की कागजी खानापूर्ति होने के बाद हीं वाहन को एजेंसी से बाहर निकाल कर खरीदार को देना हैं, लेकिन दूर-दूर तक ऐसा नहीं दिख रहा. दिलचस्प बात यह भी है कि ई-रिक्शा चलाने वालों को पुलिस को भी डर नही है. कारण है कि शहर में अधिकांश स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की नियुक्ति रहने के बाद भी इस तरह का गोरखधंधा खुलेआम चल रहा है.
